चितनाथ घाट पर गूंजी गंगा आरती की गूंज

गाजीपुर के ऐतिहासिक चितनाथ घाट (Chitnath Ghat, Ghazipur) पर इस सोमवार को भव्य गंगा आरती का आयोजन हुआ। मोक्ष दायिनी गंगा फाउंडेशन (Moksh Dayini Ganga Foundation) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के दौरान पूरा घाट दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार से आलोकित हो उठा, जिससे वातावरण भक्तिमय बन गया।

भव्य आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:
कार्यक्रम में गंगा के तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। काशी के बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और ढोल-नगाड़ों की ध्वनि से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। गंगा आरती की अद्भुत झलक देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचे। दीपों की रोशनी में प्रतिबिंबित होती गंगा की लहरों ने मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया।

संचालन में जुटे आयोजक सदस्य:
इस धार्मिक कार्यक्रम का संचालन मोक्ष दायिनी गंगा फाउंडेशन (Moksh Dayini Ganga Foundation) के प्रमुख सदस्यों — शंकर पाण्डेय, नितिन अग्रहरि, स्वप्निल राय, जे.पी. वर्मा, राजेश शर्मा, लक्ष्मीकांत मिश्रा और सुयश मिश्रा ने किया। सभी ने आरती की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के सहयोग में अहम भूमिका निभाई। घाट पर मौजूद लोगों ने “गंगे माता की जय” और “हर हर गंगे” के जयकारे लगाकर माहौल को आस्था से भर दिया।

गंगा की स्वच्छता पर दी प्रेरणा:
गोरखपुर की महिला उद्यमी और कार्यक्रम की मुख्य यजमान संगीता पाण्डेय (Sangeeta Pandey) ने अपने संबोधन में गंगा के संरक्षण और स्वच्छता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह इसकी पवित्रता बनाए रखने में योगदान दे। उन्होंने जन-जागरूकता फैलाने और गंगा की स्वच्छता को जीवन सुधार से जोड़ने की अपील की।

संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम:
गंगा आरती के दौरान ढलती शाम में दीपों की लौ और गंगा की लहरों ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, जिसे देखने वाले देर तक मंत्रमुग्ध रहे। श्रद्धालु गंगा आरती में शामिल होकर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर गंगा की आरती की और जल में दीप प्रवाहित किए।


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डिस्क्लेमर:यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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