अभी मत समेटें रजाई-कंबल, फिर बढ़ेगी ठंड, पंजाब से यूपी तक 7 राज्यों में होगी बारिश, IMD ने किया अलर्ट

फरवरी में फिर लौटेगी ठंड
फरवरी के दूसरे हफ्ते में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। अगर आपने यह मान लिया है कि सर्दी विदा हो चुकी है और अब गर्माहट का दौर शुरू हो गया है, तो थोड़ा इंतजार करना होगा। भारतीय मौसम विभाग (Indian Meteorological Department-IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में ठंडी हवाएं फिर सक्रिय हो सकती हैं। इसके चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है और रात व सुबह के समय ठंडक का अहसास बढ़ सकता है।

उत्तर भारत में फिर बढ़ेगी ठंड:
IMD के अनुसार पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana), चंडीगढ़ (Chandigarh), राजस्थान (Rajasthan), दिल्ली (Delhi), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar), झारखंड (Jharkhand) और उत्तरी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ठंड दोबारा प्रभाव दिखा सकती है। हाल के दिनों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहा, जिससे लोगों को राहत महसूस हुई थी, लेकिन अब तापमान में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। विशेषकर सुबह और देर रात के समय ठंडी हवाएं चलने से सर्दी का असर फिर महसूस होगा।

पंजाब से पश्चिमी यूपी तक बारिश का संकेत:
मौसम विभाग ने पंजाब (Punjab), हरियाणा-चंडीगढ़ (Haryana-Chandigarh), राजस्थान (Rajasthan) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western Uttar Pradesh) में आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारों की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण माना जा रहा है, जो समय-समय पर उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करता है।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के आसार:
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 11 फरवरी को जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्दाख (Ladakh), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में छिटपुट बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 13 और 16 फरवरी को भी इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर वर्षा और हिमपात की संभावना जताई गई है। 16 फरवरी को पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) और चंडीगढ़ (Chandigarh) में भी गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।

मैदानी इलाकों में धूप, लेकिन ठंडी हवाएं कायम:
राजस्थान (Rajasthan) से लेकर बिहार (Bihar) तक फैले इंडो-गैंगेटिक मैदानों में दिन के समय धूप निकलने की संभावना है, लेकिन यह धूप तेज नहीं होगी। उत्तर दिशा से चलने वाली ठंडी हवाएं दिन के तापमान को नियंत्रित रखेंगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि फरवरी के इस दौर में साफ आसमान और हल्की ठंडी हवाओं का मिश्रण सामान्य स्थिति मानी जाती है। इससे मौसम सुहावना तो रहेगा, लेकिन सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा।

बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसम प्रणाली:
बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के ऊपर एक मौसम प्रणाली विकसित हो रही है। फिलहाल इसका देश के मुख्य हिस्सों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिख रहा है। हालांकि इसके कारण दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में हल्के बादल छा सकते हैं। आने वाले दिनों में यह बादल मध्य भारत की ओर बढ़ सकते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में दक्षिण, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क बने रहने की संभावना है।

तेज हवाओं की चेतावनी:
IMD के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत में हवा की गति बढ़ रही है। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (South-East and South-West Bay of Bengal) में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि निकट भविष्य में किसी व्यापक भारी वर्षा के संकेत नहीं हैं, फिर भी समुद्री क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम में यह बदलाव अस्थायी माना जा रहा है, लेकिन फरवरी के इस चरण में ठंड की वापसी लोगों को एक बार फिर गरम कपड़ों की जरूरत का एहसास करा सकती है। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर नजर बनाए रखना और आवश्यक सावधानियां बरतना उचित रहेगा।

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