लखनऊ में पकड़ी गई नकली दवाओं से कितना खतरा:आपको ज्यादा बीमार बना सकती हैं BP, एंटीबायोटिक, दर्द और एसिडिटी की दवाएं

Lucknow (लखनऊ) की दवा मंडी के साथ Aminabad (अमीनाबाद), BKT (बीकेटी) और Gonda (गोंडा) में जब्त की गई लाखों रुपये की संदिग्ध दवाओं ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि जांच में ये दवाएं नकली पाई जाती हैं तो मरीजों को अपेक्षित लाभ मिलने के बजाय उनके स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। खास बात यह है कि जब्त की गई दवाओं में अधिकांश ऐसी हैं, जिनका उपयोग बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के इलाज में करते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने लोगों से दवाएं खरीदते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। फिलहाल सभी संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

**डॉक्टरों ने बताए संभावित स्वास्थ्य जोखिम:
फिजीशियन Dr. Neeraj Mishra (डॉ. नीरज मिश्र) के अनुसार यदि ब्लड प्रेशर की दवा प्रभावी नहीं हुई तो मरीज में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। वहीं नकली एंटीबायोटिक दवाएं संक्रमण को नियंत्रित करने के बजाय उसे बढ़ा सकती हैं और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या भी पैदा कर सकती हैं। इसके अलावा दर्द निवारक और एंग्जायटी से जुड़ी संदिग्ध दवाएं शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती हैं। चिकित्सकों का कहना है कि दवा की गुणवत्ता मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

**इन चर्चित दवाओं के नमूने किए गए जब्त:
FSDA (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) के औषधि निरीक्षक Sandesh Maurya (संदेश मौर्य) और Vivek Kumar Singh (विवेक कुमार सिंह) ने 8 और 9 जुलाई को Aminabad (अमीनाबाद), BKT (बीकेटी) और Gonda (गोंडा) में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान Telma, Pantop 40, Clavam 625, Zerodol-SP, Alprazolam, Spasmoproxyvon, Flozen-AA, MOXYZIDE-CV 625 LB, LCIN, Chymoral Forte, Rasodi और RIOPOD-CV समेत कई चर्चित दवाओं के संदिग्ध नमूने जब्त किए गए। जांच के दौरान 27 दवाओं के लेबल में प्रिंटिंग और स्पेलिंग संबंधी गड़बड़ियां मिलने पर सभी के नमूने परीक्षण के लिए भेज दिए गए।

**राजस्थान से संचालित होने का संदेह:
जांच के दौरान सामने आया कि संदिग्ध दवा नेटवर्क का मुख्य स्रोत Rajasthan (राजस्थान) बताया जा रहा है। विभाग के अनुसार वहां से दवाएं तैयार कर Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) के विभिन्न जिलों में बिना बिल के भेजी जा रही थीं। अब तक लगभग 24 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। इनमें ब्लड प्रेशर, एंटीबायोटिक, दर्द, एसिडिटी और एंटी-एंग्जायटी जैसी सामान्य उपयोग की दवाएं शामिल हैं। विभाग ने इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की है।

**24 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त:
जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्ध दवाओं की आपूर्ति निजी बसों और रोडवेज के माध्यम से Lucknow (लखनऊ), Prayagraj (प्रयागराज), Varanasi (वाराणसी), Gonda (गोंडा) और Sitapur (सीतापुर) सहित कई जिलों तक की जा रही थी। भुगतान फोन-पे और अन्य डिजिटल माध्यमों से किया जाता था। बिना बिल के कम कीमत पर खरीदी गई दवाओं को बाजार में अधिक लाभ पर बेचने की आशंका जताई गई है। FSDA (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) की कार्रवाई में Aminabad (अमीनाबाद) स्थित गोदाम से लगभग 21 लाख रुपये तथा Bakshi Ka Talab (बक्शी का तालाब) से करीब 3 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं सील की गईं। दोनों स्थानों से कुल 31 दवा नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

**आठ आरोपी जांच के दायरे में:
औषधि निरीक्षक Sandesh Maurya (संदेश मौर्य) की तहरीर के अनुसार Bhupendra Sharma (भूपेंद्र शर्मा) और उसके सहयोगी Gurjar (गुर्जर) को इस नेटवर्क का मुख्य संचालक माना गया है। इसके अलावा Raj Vikram Singh (राज विक्रम सिंह), Ranjeet Singh Julka (रंजीत सिंह जुल्का), Veeru Singh Chauhan (वीरू सिंह चौहान), Aman Kasaundhan (अमन कसौंधन), Rehan (रेहान) और Mishra (मिश्रा) के खिलाफ भी साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। इनके विरुद्ध BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 111, 318(4), 319(2), 276, 277 और 278 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।

**केमिस्ट एसोसिएशन ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग:
Lucknow Chemist Welfare Association (लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन) के अध्यक्ष Amit Tiwari (अमित तिवारी) ने कहा कि संदिग्ध दवा नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालकों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक बाजार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले लाइसेंसी दवा विक्रेताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाना चाहिए।

**पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने जताई चिंता:
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) के विधायक Ravidas Mehrotra (रविदास मेहरोत्रा) ने प्रदेश में संदिग्ध और नकली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि बाजार में इस प्रकार की दवाएं पहुंच रही हैं तो यह पूरे तंत्र के लिए गंभीर विषय है। उनके अनुसार आम व्यक्ति के लिए असली और नकली दवा की पहचान करना आसान नहीं होता, इसलिए इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नेटवर्क सक्रिय है तो उसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

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