गाजीपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में दवा के व्यवसाय के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दीपक उपाध्याय और उनकी पत्नी विवाह उपाध्याय ने लोगों को निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इस प्रकरण में पुलिस ने दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट से कुर्की का आदेश प्राप्त किया है।
धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज:
शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी दंपती दीपक उपाध्याय और विवाह उपाध्याय के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 366/2024 दर्ज किया है। दोनों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने दवा व्यवसाय के नाम पर निवेशकों को ऊंचा मुनाफा देने का लालच दिया और रकम हड़प ली।
कोर्ट ने जारी किया कुर्की आदेश:
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के लिए कोर्ट में आवेदन दाखिल किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने सुनवाई के बाद पुलिस के आवेदन पर धारा 82 के तहत कुर्की का आदेश जारी किया। आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी दंपती की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
भारी पुलिस बल के साथ हुई कार्रवाई:
बुधवार देर शाम विशेश्वरगंज चौकी इंचार्ज रोहित कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम लाल दरवाजा क्षेत्र स्थित दीपक उपाध्याय के घर पहुंची। पुलिस ने मौके पर मुनादी कराई और मोहल्लेवासियों को कोर्ट के आदेश की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी के मकान के मुख्य दरवाजे पर कुर्की नोटिस चस्पा कर दी गई। पुलिस टीम ने पूरे इलाके में सख्ती के साथ कार्रवाई की और लोगों से अपील की कि ऐसे किसी भी फर्जी निवेश योजना से सतर्क रहें।
लोगों में दहशत और चर्चा:
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर चर्चा का माहौल है। बताया जा रहा है कि दीपक उपाध्याय और उनकी पत्नी लंबे समय से इस तरह का कारोबार चला रहे थे। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य निवेशक भी सतर्क हो गए हैं।
आगे की जांच जारी:
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए जाएंगे।
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