लखनऊ। मुख्तार अंसारी और उसके परिवार के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर बने 72 आवासों के लिए अगले महीने से आवेदन शुरू होंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने यह निर्माण दुर्बल आय वर्ग (EWS) के लिए किया है। इसके लिए अफसरों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल्दी ही अधूरे निर्माण को पूरा भी करवाया जाएगा।
ऐसे होगा आवेदन:
2023 में तत्कालीन एलडीए वीसी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मुख्तार और उनके परिवार द्वारा डालीबाग में कब्जा की गई 2327.54 वर्ग मीटर निष्क्रांत संपत्ति को LDA को निशुल्क देने की मांग की थी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद 2020 में इस संपत्ति पर कब्जा हटाकर उसे ध्वस्त कर दिया गया था। देखें वीडियो:
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इस बीच एक भूखंड पर गाजीपुर प्रशासन और आयकर विभाग ने अपना दावा जताते हुए बोर्ड लगा दिया था। जिस पर शासन के दखल के बाद इसे LDA को दे दिया गया है। जिसके बाद प्राधिकरण वीसी प्रथमेश कुमार ने अधूरे काम को पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, अगस्त में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी और पात्र लोगों को ये आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
अपार्टमेंट बनाने का ठेका 3.50 करोड़ में संगम इंटरप्राइजेज कंपनी को दिया गया था। गोरखपुर की यह कंस्ट्रक्शन कंपनी यूपी के कई शहरों में निर्माण कर रही है। एक फ्लैट की औसतन लागत 4.50 लाख रुपए आई है।
आयकर विभाग ने मुख्तार अंसारी की डालीबाग में बेनामी संपत्ति जब्त की थी, जो गाजीपुर निवासी तनवीर सहर के नाम से खरीदी गई थी। यह संपत्ति पहले मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी के नाम थी, जिसे बाद में मुख्तार ने करीबी गणेश दत्त मिश्रा को बेचा। फिर गणेश दत्त ने इसे तनवीर सहर को बेचा।
इससे सटा करीब 2000 वर्ग मीटर का एक और भूखंड है, जो मुख्तार सिंडीकेट के एजाज उर्फ एजाजुल हक की पत्नी फहमीदा अंसारी के नाम पर है। इस भूखंड के ठीक सामने स्थित एक अन्य भूखंड को मुख्तार ने मां राबिया बेगम के नाम से खरीदा था। बाद में राबिया बेगम ने इसे मुख्तार के बेटों अब्बास और उमर अंसारी के नाम कर दिया था।