रिपोर्ट: हिमांशु तिवारी
एटा (Etah) जनपद के पिलुआ थाना क्षेत्र में हजारा नहर (Hazara Canal) में कूदे 65 वर्षीय अधेड़ का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका। बताया गया कि अधेड़ ने अपनी स्कूटी नहर किनारे खड़ी कर छलांग लगा दी थी। घटना के बाद से पुलिस (Police) और गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक व्यक्ति का पता नहीं चल सका है।
तीन दिन से जारी तलाश अभियान:
हजारा नहर में कूदे अधेड़ की तलाश में पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार जुटी हुई है। तीन दिनों से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) के बावजूद अभी तक कोई सफलता नहीं मिली। नहर में तेज बहाव और गहराई के कारण खोज अभियान में टीम को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
अधेड़ की हुई पहचान:
पुलिस जांच में अधेड़ की पहचान ऋषि जोशी (Rishi Joshi) पुत्र रामनिवास, निवासी भगीपुर (Bhagipur), कोतवाली नगर (Kotwali Nagar) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, ऋषि जोशी ने पिलुआ थाना क्षेत्र के एटा-निधोलीकला मार्ग (Etah-Nidholikala Road) पर अर्थरा गांव (Arthra Village) के पास अपनी स्कूटी खड़ी की और उसके बाद नहर में कूद गए।
बीमारी से परेशान होकर उठाया कदम:
परिजनों ने बताया कि ऋषि जोशी लंबे समय से बीमारी से ग्रसित थे। इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस जांच कर रही है और घटनास्थल से मिले सुरागों की पड़ताल में जुटी है।
गोताखोरों की टीम ने जारी रखा सर्च ऑपरेशन:
घटना के तीसरे दिन भी पुलिस और गोताखोरों की टीम ने नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टीम ने कई किलोमीटर तक नहर के दोनों किनारों पर तलाशी ली, लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और खोज अभियान में मदद करते दिखे।
स्थानीय ग्रामीणों में चर्चाओं का माहौल:
अधेड़ के अचानक गायब होने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने नहर किनारे खड़ी स्कूटी को देखा था, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। घटना के बाद से परिजनों की चिंता बढ़ गई है और वे नहर किनारे हर पल किसी उम्मीद में नजर गड़ाए बैठे हैं।
पुलिस ने बढ़ाई निगरानी:
पुलिस ने घटना वाले क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। नहर के आसपास के इलाकों में भी टीम को लगाया गया है ताकि किसी तरह का सुराग मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि जब तक अधेड़ का पता नहीं चलता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।