दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) प्रभाग में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहां एक राजकीय हाथी के हमले में एक चाराकटर की जान चली गई। मृतक की पहचान रामविलास (Ramvilas), पुत्र इंदल, निवासी ग्राम कोठिया, थाना मझगई (Majhgai), जिला लखीमपुर-खीरी (Lakhimpur Kheri) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे प्रभाग में शोक का माहौल व्याप्त हो गया है।
वन विभाग में हाथियों की भूमिका:
दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजकीय हाथियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन हाथियों का उपयोग मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने, जंगल में निगरानी रखने और रेस्क्यू कार्यों में किया जाता है। प्रत्येक हाथी के साथ उसकी देखभाल के लिए चाराकटर और महावत नियुक्त किए जाते हैं, जो नियमित रूप से उनकी निगरानी और देखभाल करते हैं।
घटना का पूरा विवरण:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अप्रैल को अन्य दिनों की तरह राजकीय हाथी ‘विनायक’ (Vinayak) भी अन्य हाथियों के साथ जंगल में चरने गया हुआ था। जब चाराकटर रामविलास (Ramvilas) उसे वापस लाने पहुंचे, तभी अचानक हाथी का व्यवहार बदल गया और वह उग्र हो गया। इसके बाद हाथी ने रामविलास पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित:
हमले के बाद घायल अवस्था में रामविलास (Ramvilas) को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पलिया (Palia) ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।
विभाग में शोक और जांच शुरू:
इस आकस्मिक घटना के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हाथी के व्यवहार में अचानक बदलाव क्यों आया।
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रिपोर्टर: लखीमपुर खीरी

