डिजिटल इंडिया का नया कदम: नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड से होगी आसान बस यात्रा

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की डिजिटल पेमेंट योजना के तहत नगरीय परिवहन निदेशालय (Urban Transport Directorate), नगर विकास विभाग (Urban Development Department), उत्तर प्रदेश द्वारा एक और उपलब्धि दर्ज की गई है। इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) और नगरीय परिवहन निदेशालय (Urban Transport Directorate) के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के तहत यात्रियों को अब कैशलेस, कॉन्टेक्टलेस, सुरक्षित और आसान भुगतान की सुविधा नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (National Common Mobility Card – NCMC) के माध्यम से मिलेगी।

एमओयू पर हुए हस्ताक्षर:
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित निधि प्रबंध समिति (Fund Management Committee) की बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में, प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग के निर्देश पर 30 अक्टूबर 2025 को यह समझौता किया गया। इस अवसर पर नगरीय परिवहन निदेशालय (Urban Transport Directorate) की ओर से महेन्द्र बहादुर सिंह, निदेशक/विशेष सचिव, नगर विकास विभाग एवं भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) की ओर से धीरज कुमार, डी.जी.एम. द्वारा एमओयू (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर जयदीप वर्मा, संयुक्त निदेशक, ए.के. सिंह, सहायक निदेशक, सुबोध कटियार और मनुज खन्ना, सहायक महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक भी मौजूद रहे।

राज्य के 15 शहरों में चलेगी सुविधा:
वर्तमान में प्रदेश के 15 प्रमुख शहरों — लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, आगरा, मथुरा-वृंदावन, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, अलीगढ़, गोरखपुर, अयोध्या और झांसी — में नगरीय परिवहन निदेशालय (Urban Transport Directorate) द्वारा एस.पी.वी. (SPV) के माध्यम से इलेक्ट्रिक और CNG बसों का संचालन कराया जा रहा है। अब इन्हीं बसों में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (National Common Mobility Card) का उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों को डिजिटल भुगतान की आधुनिक सुविधा मिलेगी।

कार्ड जारी करने की प्रक्रिया:
यह कार्ड नगरीय परिवहन निदेशालय (Urban Transport Directorate) और भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) के सहयोग से जारी किया जाएगा। SPV द्वारा निर्धारित काउंटर्स से और बसों में परिचालकों के माध्यम से यात्रियों को यह कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पंजीकरण की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा संबंधित SPV कार्यालयों के काउंटर्स पर KYC सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को कार्ड लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

रिचार्ज और उपयोग की सुविधा:
नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (National Common Mobility Card) का रिचार्ज ऑनलाइन पोर्टल, बसों में परिचालकों द्वारा ETM के माध्यम से, और SPV द्वारा संचालित काउंटर्स पर किया जा सकेगा। इस डिजिटल कार्ड को पूर्ण रूप से क्रियाशील होने में लगभग छह माह का समय लगने की संभावना है।

कार्ड की विशेषताएं:

  • यह कार्ड न्यूनतम KYC प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही प्राप्त किया जा सकेगा।
  • यह कार्ड मेट्रो (Metro), बस, भारतीय रेल (Indian Railways), रिटेल (Retail) और अन्य परिवहन नेटवर्क में भी काम करेगा, जो नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (National Common Mobility Card) से जुड़े हैं।
  • यह एक प्रीपेड कार्ड (Prepaid Card) होगा, जिससे यात्रियों को तुरंत किराया भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
  • MST (Monthly Season Ticket) के भुगतान के लिए भी इस कार्ड का उपयोग किया जा सकेगा।
  • यात्रियों और परिचालकों दोनों के लिए किराया लेन-देन पूरी तरह कैशलेस और सरल होगा।
  • कार्ड से टिकट खरीदने पर यात्रियों को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
  • यह कार्ड देशभर में NCMC आधारित अन्य सेवाओं का लाभ लेने की सुविधा भी प्रदान करेगा।

डिजिटल ट्रांसपोर्ट का नया युग:
इस समझौते के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल सुविधा को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा है। अब यात्रियों को कैश रखने या छुट्टे पैसों की चिंता किए बिना, एक ही कार्ड से बस, मेट्रो और रेल यात्रा का सहज अनुभव मिलेगा।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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