दालमंडी में एक्शन पर सियासी टेंशन, अखिलेश ने बताया क्या है ‘खेल’?

वाराणसी (Varanasi) की दाल मंडी में सरकार की कार्रवाई को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने व्यापारियों से मुलाकात की और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दाल मंडी के चौड़ीकरण के नाम पर सरकार व्यापारियों को परेशान कर रही है और यह पूरा मामला राजनीतिक उद्देश्य का हिस्सा है। व्यापारियों ने भी अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनके घर और दुकानें बिना पर्याप्त समाधान के तोड़ी जा रही हैं, जिससे उनका जीवन संकट में आ गया है।

दाल मंडी विवाद पर अखिलेश की प्रतिक्रिया:
अखिलेश यादव ने कहा कि दाल मंडी का मुद्दा सिर्फ विकास का नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार की ओर से घोषित किए गए प्रोजेक्ट राजनीतिक लाभ के लिए बनाए जाते हैं, न कि जनता के हित के लिए। उन्होंने कहा कि दाल मंडी में कभी भी बीजेपी चुनाव नहीं जीत पाई और उनके पास इसके बूथ परिणाम मौजूद हैं। व्यापारियों की परेशानी सुनने के दौरान उन्होंने कहा कि यह कोई हेरिटेज संरक्षण का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक राजनैतिक चाल है जो लोगों को उनकी जमीन और दुकानें छोड़ने पर मजबूर कर रही है।

व्यापारियों ने बताए अपने दर्द:
व्यापारी राहुल अरोरा ने कहा कि दाल मंडी में किसी का भी घर या दुकान सुरक्षित नहीं है। व्यापारी खुद को श्रद्धालु बताते हुए बोले कि उन्हें वहीं बसाए रखने की आवश्यकता है। इस पर अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री को सिविल इंजीनियरिंग की समझ नहीं है और उनसे रहम की उम्मीद करना व्यर्थ है।

दूसरे दुकानदार बालू यादव ने कहा कि वे छोटे व्यापारी हैं और उनकी रोजी-रोटी इन्हीं दुकानों पर निर्भर है। उन्होंने हाथ जोड़कर अधिकारियों से निवेदन किया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दुकानों के टूटने से उनके पूरे परिवार का भविष्य संकट में है।

साजिद नाम के दुकानदार ने बताया कि उनकी छोटी सी दुकान पर दबाव बनाकर कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा दुकानें और मकान हड़पने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां उन्हें भेजा जा रहा है, वह bypass पर है, जहां ग्राहक का मिलना मुश्किल है और वे नया कारोबार भी शुरू नहीं कर सकते।

महिला दुकानदार नीलू ने भावुक होते हुए कहा कि उनके घर में सिर्फ महिलाएँ हैं—मां, बहनें—और वे कहीं जाने की स्थिति में नहीं हैं। उनकी दुकान टूट गई तो उनका परिवार सड़क पर आ जाएगा।

अखिलेश ने उठाए विकास मॉडल पर सवाल:
उन्होंने कहा कि वर्षों पहले वाराणसी को क्योटो जैसा शहर बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात के दौरान भी यह बात कही गई थी कि क्योटो जैसे हेरिटेज शहरों का विकास अपनी संस्कृति को बचाते हुए किया जाता है। लेकिन वाराणसी में लोगों को डराकर विकास के नाम पर उनकी जमीन छीनी जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने राजनीतिक लक्ष्य को साधने के लिए ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति अपना रही है और जनता को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों ने अपने पारंपरिक बाजारों को बचाकर विकास किया है, लेकिन यहां व्यापारियों के बाजारों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री सिंगापुर में स्पेन ढूंढते रहते हैं, जबकि उन्हें अपने ही राज्य के बाजारों को समझने की जरूरत है।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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