रिपोर्टर -गुड़िया मद्धेशिया
जनपद में साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पाण्डेय (Anand Kumar Pandey) की ओर से साइबर सेल कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बुधवार को संपन्न हुई, जिसमें जनपद के समस्त थानों में साइबर सेल में तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाना और पीड़ितों को समयबद्ध राहत सुनिश्चित करना रहा।

अपर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं, ऐसे में पुलिस की कार्यशैली को भी अधिक सतर्क, तकनीकी और जवाबदेह बनाना आवश्यक है।

एनसीआरपी पोर्टल को समय से अपडेट करने के निर्देश:
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ने सभी साइबर सेल कर्मियों को निर्देशित किया कि साइबर अपराध से संबंधित प्रत्येक शिकायत को एनसीआरपी पोर्टल (NCRP Portal) पर तत्काल दर्ज किया जाए। इसके साथ ही प्रकरण की अद्यतन स्थिति को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य बताया गया। उन्होंने कहा कि समय से की गई प्रविष्टि से न केवल उच्चाधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी संभव होती है, बल्कि पीड़ित को भी यह भरोसा मिलता है कि उसकी शिकायत पर कार्य हो रहा है।

शिकायतों को गंभीरता से लेने पर जोर:
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, बैंकिंग और यूपीआई से संबंधित धोखाधड़ी जैसे मामलों में शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुना जाए। प्रत्येक मामले में प्राथमिक जांच शीघ्र पूरी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन और संरक्षण बेहद जरूरी है, ताकि विवेचना के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
तकनीकी एजेंसियों से समन्वय बढ़ाने के निर्देश:
बैठक के दौरान साइबर अपराधों की जांच में संबंधित बैंक, सेवा प्रदाता और तकनीकी एजेंसियों से बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कई मामलों में समय पर समन्वय स्थापित होने से ठगी की राशि को होल्ड या रिकवर किया जा सकता है, जिससे पीड़ित को राहत मिलती है। इसलिए प्रत्येक साइबर सेल कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्परता से कार्य करना चाहिए।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर फोकस:
समीक्षा बैठक में लंबित साइबर अपराध मामलों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में देरी से न केवल पीड़ित का भरोसा कमजोर होता है, बल्कि अपराधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यप्रणाली में पारदर्शिता पर जोर:
बैठक के अंत में अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर सेल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। आम जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और साइबर अपराधों के प्रभावी नियंत्रण से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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