लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक कारोबारी के घर में एक करोड़ के जेवर और 50 लाख की नकदी चोरी हुई है. कारोबारी की पत्नी का आरोप है कि घर के नौकर जितेंद्र पंडित और उसकी पत्नी ने वारदात को अंजाम दिया. कहा जा रहा है कि दोनों ने वारदात को अंजाम देने के लिए महीनों से प्लानिंग किया था।
कैसे वारदात को दिया अंजाम?
प्लानिंग के बाद धीरे-धीरे आरोपी नौकर जितेंद्र पंडित ने घर वालों का भरोसा जीता. इसके बाद उन्होंने वारदात को अंजाम दिया. इस मामले में निशातगंज के मेट्रोसिटी के पीड़िता शालिनी मिश्रा ने मुकदमा दर्ज करवाया. पीड़िता ने कहा कि पिछले 12 सालों से बिहार के जितेंद्र पंडित और उसकी पत्नी विभा देवी उनके घर में काम कर रहे थे।
नौकर ने कबूला अपना जुर्म

पीड़िता का आरोप है कि लंबे समय तक साथ रहने की वजह से परिवार को उन पर पूरा भरोसा हो गया था. जिसकी वजह से जितेंद्र धीरे-धीरे नकदी और गहनों पर हाथ साफ करता रहा. जब शालिनी मिश्रा ने अलमारी के लॉकर को खोला तो उसमें से गहने और नकदी गायब मिली. इस पर पीड़िता को अपने नौकर पर शक हुआ. जब पीड़िता ने नौकर से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया।
क्या बोला आरोपी जितेंद्र?
आरोपी ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से घर में रखे पैसों और गहनों को धीरे-धीरे चुरा रहा था. उसने इस रकम को अपने बैंक खाते में फिक्स्ड डिपॉजिट, एसआईपी और बीमा पॉलिसियों के रूप में निवेश की है. इतना ही नहीं आरोपी ने करीब 10 लाख रुपए के जेवर खरीदने के साथ ही जमीन भी खरीदी है।
कैसे किया रकम निवेश?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने चोरी की रकम अपने परिचितों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर किए हैं. जिसमें लल्लन पंडित, रमन पंडित, चंददेव पंडित, बजरंग पंडित और संतोष पंडित है. नौकर ने यह भी कबूला कि HDFC बैंक में कार्यरत एक कर्मचारी शम्भू ने उसे चोरी के पैसों को बिना पकड़े निवेश करने का तरीका बताया. जिसके आधार पर आरोपी ने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कर दी।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
जब इस घटना का खुलासा हुआ तो आरोपी रो-रोकर माफी मांगने लगा. इतना ही नहीं उसने पीड़िता को पूरा हिसाब-किताब सुबह तक देने का भरोसा जताया, लेकिन अगली सुबह से आरोपी और उसकी पत्नी घर से गायब हो गए. अब पीड़िता ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है. अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।