लखनऊ। हॉस्टल में पढ़ने वाले उन छात्रों के संस्कार और उनके अंदर की मानवता की चर्चा क्या ही करें जो हर बात पर उग्र हो जाते हैं, जिनका मकसद पढ़ाई लिखाई नहीं, केवल अपने ताकत को दिखाना, लोगों को परेशान करना, कमजोर छात्रों पर अत्याचार करना और समाज में अशांति फैलाना है। हमने बहुत सारी खबरें पढ़ी है कि हॉस्टल में छात्रों का एक गुट होता है जो केवल और केवल अशांति फैलता है। वह अपने युवा जोश का इस्तेमाल देश की उन्नति में नहीं बल्कि समाज की बर्बादी में करता है। कॉलेज में पढ़ने के दौरान ही नशा, राजनीति में सत्ता पाने की लालसा और दबंग जैसा व्यवहार करने की आदत, इन उग्र छात्रों के नस-नस में बस जाता है। अब बदलते वक्त के साथ इन छात्रों के अंदर बची हुई मानवता भी खत्म हो चुकी है और ऐसे उग्र छात्र अब बन चुके हैं हत्यारे…
यह दर्द उस परिवार के दिल से निकल रहा है जो ऐसे ही उग्र छात्रों के वजह से अपने घर के लक्ष्मी को खो दिया। जी हां, झगड़ा कर रहे छात्रों को मना करना एक महिला की जान पर भारी पड़ गया। मामला लखनऊ के सैरपुर के अहलादपुर स्थित ब्रजधाम सरिता कॉलोनी का है। जहां छत पर टहल रहे दंपती ने शनिवार रात घर के सामने हॉस्टल में रह रहे युवकों को झगड़ा करने पर टोका तो युवकों ने फायरिंग कर दी। सीने पर गोली लगने से सरिता (43) की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में पांच से सात अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस दर्ज कर आठ युवकों को हिरासत में लिया है।

क्या है पूरा मामला?
सैरपुर के अहलादपुर ब्रजधाम कॉलोनी में फार्मा कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर श्याम जी श्रीवास्तव रहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि उनके घर के सामने सीतापुर निवासी अजय के तीन मंजिला मकान में अनीता नायक नाम से 18 कमरों का हॉस्टल है। इसमें अलग-अलग कॉलेज में पढ़ने वाले आठ युवक रहते हैं। शनिवार रात करीब 11:30 बजे हॉस्टल के युवकों के दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया। वे झगड़ते हुए हॉस्टल के बाहर निकल आए और गाली-गलौज करने लगे। उस समय श्याम पत्नी सरिता के साथ छत पर टहल रहे थे। दंपती ने उन्हें झगड़ा करने से मना किया। न सुनने पर पुलिस से शिकायत करने की बात कही। फ़िर क्या था इस पर भड़के युवक दोनों को गाली देने लगे। विरोध करने पर दो असलहों से फायरिंग कर दी। एक गोली सरिता के सीने पर लगी। परिजन सरिता को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सरिता के परिवार में बेटी महक बीकॉम की छात्रा है। बेटे आदित्य और रूद्र इंटर के छात्र हैं। जिनके ऊपर से मां का साया उठ गया।
आरोपी युवक हिरासत में:
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एसीपी बीकेटी अमितं मुरकुट ने बताया कि सरिता के पति की तहरीर पर पांच से सात अज्ञात छात्रों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आठ युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हॉस्टल में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
सुरक्षा में लापरवाही :
पुलिस का काम होता है नागरिक की सुरक्षा करना, इसीलिए जगह-जगह पर पुलिस बूथ, पुलिस चौकी और पुलिस थाने बनाए जाते हैं। साथ ही पुलिस की टीम भी गश्त करती रहती है। इन सबके लिए सरकार पुलिस कर्मियों की नियुक्ति करती है, उन्हें तनख्वाह देती है और ऐसे ही तनख्वाह देने के लिए आम नागरिकों से टैक्स वसूला जाता है। इन बातों की चर्चा इसलिए भी होने लगी है क्योंकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रजधाम कॉलोनी के रहने वाले लोगों का आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र आए दिम लड़ाई-झगड़ा करते हैं। कई बार झगड़े की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम पर दी गई। पुलिस के पहुंचते ही छात्र वहां से भाग जाते थे। अक्सर छात्र नशे में हंगामा करते हैं। सरिता के पति श्याम का कहना है कि बीते छह माह से वह कई बार हॉस्टल मालिक से इसकी शिकायत कर चुके हैं, पर उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। सवाल था कि इन बातों को पुलिस ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया? क्या वह छात्र थे इसलिए? हॉस्टल मलिक ने किस लालच में इन बातों को नजरअंदाज किया? आज इन सबको एक बात सोचनी होगी कि उनके लापरवाही का नतीजा आखिर क्या हुआ? यदि समाज में बढ़ते हुए अपराध की भनक मिलते ही रोक दिया जाए, तो एक बड़ी घटना होने से रोका जा सकता है। एक देशभक्त की यही जिम्मेदारी होती है।