छठ महापर्व (Chhath Mahaparv) को लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी बीच अखिल भारतीय भोजपुरी समाज (Akhil Bhartiya Bhojpuri Samaj) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को इस पर्व का न्योता दिया है और साथ ही पूरे राज्य में दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छठ पर्व न केवल बिहार और पूर्वांचल का, बल्कि अब पूरे उत्तर भारत का एक प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व बन चुका है।
भोजपुरी समाज की मांग पर चर्चा:
अखिल भारतीय भोजपुरी समाज की ओर से यह मांग रखी गई है कि छठ पर्व को राज्य स्तर पर मान्यता दी जाए और इस अवसर पर दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। समाज का तर्क है कि छठ के दौरान लाखों श्रद्धालु व्रत रखते हैं और सूर्योपासना के इस महापर्व में परिवार सहित भाग लेते हैं। ऐसे में अवकाश घोषित होने से आमजन को बड़ी सुविधा मिलेगी।
योगी आदित्यनाथ को दिया गया न्योता:
भोजपुरी समाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को औपचारिक रूप से छठ महापर्व के कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया है। समाज ने कहा है कि मुख्यमंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का माहौल और अधिक बढ़ेगा। हालांकि इस आमंत्रण के बावजूद अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किसी कार्यक्रम या भागीदारी को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अवकाश पर अभी नहीं मिला आश्वासन:
अवकाश की मांग को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से विशेष अनुरोध किया, लेकिन अब तक इस पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर विचार किए जाने की बात भी स्पष्ट नहीं की गई है। समाज के सदस्यों का कहना है कि यदि यह अवकाश घोषित होता है तो यह पूरे उत्तर प्रदेश में छठ पर्व मनाने वालों के लिए बड़ी राहत की बात होगी।
छठ पर्व की धार्मिक महत्ता:
छठ महापर्व सूर्य देव की उपासना का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह पर्व लोकआस्था, पवित्रता और पारिवारिक एकता का प्रतीक है। लोग घाटों पर जाकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं और समाज में एकता और श्रद्धा का वातावरण बनाते हैं।
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