स्विटजरलैंड में रह रही इंदौर की पीएचडी स्कॉलर रोहिणी घावरी ने एक बार फिर आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर हमला बोला है। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया पर उनके दो वीडियोज और एक परिवार की फोटो साझा कर उनकी आलोचना की है। साथ ही बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह चंद्रशेखर को बचा रही है।
सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियां
रोहिणी घावरी लंबे समय से चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधती रही हैं। बुधवार को उन्होंने एक्स (Twitter) पर लगातार तीन पोस्ट शेयर कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने चंद्रशेखर का वीडियो साझा किया, जिसमें वह शराब पीते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के कैप्शन में रोहिणी ने लिखा कि “इस अय्याश बेवड़े आदमी को मैं बहुजन आंदोलन के लायक़ बना रही थी, यही मेरी गलती थी। इसने मुझे समाज के सामने बदनाम किया।”
बीजेपी पर आरोप
पहली पोस्ट में ही घावरी ने भारतीय जनता पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, “पुलिस मेरी नहीं सुन रही क्योंकि बीजेपी इसको बचा रही है, लेकिन मैं समाज के सामने साबित करूँगी कि गलती मेरी नहीं, यह है। बहुजन वाल्मीकि समाज की बेटी के साथ हुए षड्यंत्र का मैं पर्दाफाश करती रहूँगी।”
खुदकुशी की धमकी के साथ दूसरी पोस्ट
इसके बाद घावरी ने एक और पोस्ट की जिसमें उन्होंने चंद्रशेखर की परिवार के साथ फोटो साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने गंभीर भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “मेरा जीवन बर्बाद कर के खुशियाँ मना रहा है। आज ही तेरे नाम पर ज़हर खाऊँगी, तूने मुझे खत्म कर दिया।”
इस पोस्ट में उन्होंने पीएमओ और प्रधानमंत्री का एक्स हैंडल टैग करते हुए लिखा कि उनकी लाश भी भारत वापस न लाया जाए, क्योंकि उनकी शिकायतों को कोई नहीं सुन रहा। उन्होंने कहा कि उनके आरोपों को नजरअंदाज किया जा रहा है और अपराधियों का साथ दिया जा रहा है।
तीसरी पोस्ट में क्या हुआ?
कुछ ही देर बाद रोहिणी ने तीसरी पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने चंद्रशेखर के साथ वीडियो कॉल की क्लिप शेयर की और लिखा, “मुझे रात में 3-3 बजे रो-रो कर इस रिश्ते में ज़बरदस्ती बांधे रखा जाता था। मैं समझा-समझा के थक जाती थी, तो परेशान करने पर मरने की धमकी देता था।”
रोहिणी घावरी कौन हैं?
रोहिणी घावरी स्विटजरलैंड में रहने वाली एक पीएचडी स्कॉलर हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि वह एक अस्पताल के सफाईकर्मी की बेटी हैं। 2019 में उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए स्विटजरलैंड का रुख किया और पीएचडी के लिए उन्हें 1 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली। पिछले पांच वर्षों से वह वहां जॉब कर रही हैं और एक एनजीओ चला रही हैं।
लगातार बढ़ते विवाद
रोहिणी घावरी के आरोपों और पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। उनकी पोस्ट्स में चंद्रशेखर आजाद पर सीधे व्यक्तिगत आरोप और गंभीर आरोप शामिल हैं, जो बहुजन समाज और राजनीतिक स्तर पर नई बहस को जन्म दे सकते हैं।
इस तरह, रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया के जरिए चंद्रशेखर आजाद और बीजेपी को सीधे चुनौती दी है। उनके पोस्ट्स ने विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है और लोगों की नजरें इस मामले पर बनी हुई हैं।

