उत्तर प्रदेश के सांसद Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में संसद के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। वह सोमवार देर रात से Parliament (संसद) परिसर के बाहर स्थित अंबेडकर प्रतिमा के नीचे बैठे हैं। मंगलवार सुबह बारिश होने के बावजूद उन्होंने अपना धरना समाप्त नहीं किया और छाता लगाकर वहीं डटे रहे। इस दौरान उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच X (एक्स) पर भी घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की और प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई।
धरने से दिया विरोध का संदेश:
Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) ने X (एक्स) पर लिखा कि जब जुल्म अपनी सीमा पार करने लगता है, तभी बदलाव की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि Jantar Mantar (जंतर-मंतर) पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसने उन्हें गहराई तक झकझोर दिया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने जलियांवाला बाग का दौर नहीं देखा, लेकिन जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
बाद में उन्होंने एक और संदेश साझा करते हुए लिखा कि उनका उद्देश्य केवल हंगामा खड़ा करना नहीं है, बल्कि हालात बदलने की कोशिश करना है। उन्होंने अपनी बात को एक कविता की पंक्तियों के माध्यम से भी व्यक्त किया और परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया।
संसद के बाहर विपक्ष का विरोध जारी:
Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) प्रमुख Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) ने संसद के बाहर कहा कि छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उनका कहना था कि इससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के अनुसार कई छात्रों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और सवाल उठाया कि क्या यही “सबका साथ, सबका विकास” है।
वहीं Dimple Yadav (डिंपल यादव) ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बच्चों ने बहुत आंसू बहाए, लेकिन सरकार को उन पर दया नहीं आई। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को अब तक पद से नहीं हटाया गया है। उनके अनुसार बच्चों का उद्देश्य यह बताना था कि व्यवस्था उनके हितों के बारे में नहीं सोच रही है, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने के बजाय लाठियां झेलनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के पास मतदान ही सबसे बड़ा माध्यम है।
भाजपा सांसद ने विपक्ष पर साधा निशाना:
Bharatiya Janata Party (भारतीय जनता पार्टी) के सांसद Jagdambika Pal (जगदंबिका पाल) ने कहा कि विपक्ष की सदन चलाने में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले भी सदन नहीं चल सका और विपक्ष के सांसद प्रदर्शन में शामिल होने चले गए। उनके अनुसार लगातार सदन बाधित होने से देश की जनता की कमाई का नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) के कार्यकाल में युवाओं को बेहतर अवसर मिले हैं।
सपा सांसद ने युवाओं की आवाज उठाई:
Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) के सांसद Awadhesh Prasad (अवधेश प्रसाद) ने कहा कि देश के बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा और पेपर लीक मामले से जुड़े छात्र अपनी बात रखने पहुंचे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके ऊपर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि Ram Mandir (राम मंदिर) में चंदे से जुड़े मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए और जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में शामिल लोग बच नहीं पाएंगे।
सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा विपक्ष:
Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) ने यह भी कहा कि भाजपा अपने साथियों पर इस्तीफे का दबाव नहीं बना पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए हो रहा है ताकि कोई दबे हुए राज सामने न आएं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद किसी सरकार से युवाओं के साथ ऐसे व्यवहार की कल्पना नहीं की जा सकती और लोकतंत्र में इस तरह की घटनाएं स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।
फिलहाल सांसद Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) संसद के बाहर अपना धरना जारी रखे हुए हैं और विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
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