गाजीपुर के जमानिया तहसील क्षेत्र के चकिया खिजीरपुर गांव में नहर के पानी की निकासी बाधित होने से करीब 500 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में घुटनों तक पानी भरने के कारण धान की फसल प्रभावित होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे किसानों में चिंता और निराशा का माहौल है। किसानों ने जिलाधिकारी गाजीपुर से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है।
नहर के पानी की निकासी बाधित होने से बढ़ी समस्या:
चकिया खिजीरपुर गांव जमानिया तहसील मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों से पानी की निकासी पहले एक पुलिया के माध्यम से होती थी। बताया गया कि यह पुलिया करीब 50 वर्ष पुरानी है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के सामने स्थित निजी भूमि पर मकान बन जाने के बाद पानी की निकासी प्रभावित हो गई।
निकासी का रास्ता बाधित होने के चलते नहर का पानी खेतों में जमा होता चला गया। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ गई। किसानों का कहना है कि खेतों में लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण धान की फसल बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है।
500 बीघा कृषि भूमि प्रभावित होने का दावा:
ग्रामीणों के मुताबिक, जलनिकासी की समस्या से करीब 500 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हुई है। खेतों में घुटनों तक पानी भरा होने के कारण किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
किसानों ने कहा कि समस्या केवल मौजूदा फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि खेतों में लगातार पानी जमा रहने से आगामी गेहूं की फसल पर भी असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से किसान तत्काल पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
शासन-प्रशासन से शिकायत के बाद भी समाधान का इंतजार:
किसानों के अनुसार, पानी निकासी की समस्या को लेकर शासन-प्रशासन से शिकायत की गई। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से भी समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। किसानों का कहना है कि समस्या लगातार बनी हुई है और खेतों में पानी जमा होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्या को देखा। विधायक ओमप्रकाश सिंह, बसपा नेता परवेज खान और अरुण सिंह सहित अन्य लोगों ने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
किसानों ने तत्काल पानी निकासी की मांग उठाई:
कैप्टन प्रमोद सिंह यादव ने कहा कि खेतों में जलभराव के कारण धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते खेतों से पानी निकाल दिया जाए तो कम से कम आगामी गेहूं की फसल को बचाया जा सकता है।
वहीं, शाबिर खान ने भी शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि करीब 500 बीघा कृषि भूमि का प्रभावित होना किसानों के लिए गंभीर संकट है। उन्होंने मौके पर टीम भेजकर स्थिति का जायजा लेने और पानी की निकासी कराने की मांग की।
जिलाधिकारी से स्थायी समाधान की गुहार:
किसानों ने जिलाधिकारी गाजीपुर से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। किसानों की मांग है कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर जलभराव की स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल तत्काल पानी निकालना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि भविष्य में दोबारा जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है। किसानों ने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
इस दौरान कैप्टन प्रमोद सिंह यादव, रामेश्वर सिंह, विनोद यादव, विक्रम यादव, बृजेश सिंह, राजनारायण यादव, अरविंद सिंह, भगवत सिंह, बंशी सिंह, शेखर बिंद और हरनाम सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल
