सीजी सिटी (CG City), लखनऊ (Lucknow) स्थित वेटलैंड अब नई पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कभी वीरान पड़ी रहने वाली यह जगह अब पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक सौंदर्य का बेहतरीन उदाहरण बनती जा रही है। करीब दो करोड़ रुपए की लागत से वेटलैंड के सौंदर्यीकरण और विकास का कार्य किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र फिर से जीवंत हो उठा है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की देखरेख में वेटलैंड को ईको टूरिज्म (Eco Tourism) के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग, रंग-रोगन और झील की गहन सफाई का कार्य चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा प्रोजेक्ट अगले तीन महीनों में पूरा होने की संभावना है।
पक्षियों का सुरक्षित बसेरा बना वेटलैंड:
सीजी सिटी स्थित यह वेटलैंड 50 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का प्राकृतिक आश्रय स्थल है। सर्दियों के मौसम में यहां साइबेरियन (Siberian) समेत कई अन्य देशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। इन पक्षियों की चहचहाहट पूरे वातावरण को जीवंत और सुकूनभरा बना देती है।
विश्व वेटलैंड दिवस पर दिखे मनमोहक नजारे:
3 फरवरी, सोमवार को विश्व वेटलैंड दिवस (World Wetlands Day) के अवसर पर जब दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) की टीम सीजी सिटी वेटलैंड पहुंची, तो वहां का दृश्य बेहद आकर्षक नजर आया। स्वच्छ जल, हरियाली और देसी-विदेशी पक्षियों की मौजूदगी ने लोगों का मन मोह लिया।
स्थानीय लोगों में दिखा उत्साह:
वेटलैंड घूमने आए लोगों ने बताया कि करीब दो साल पहले तक यह इलाका सुनसान और उपेक्षित था, लेकिन अब यह स्थान पूरी तरह बदल चुका है। LDA द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों से यहां की सुंदरता में लगातार इजाफा हो रहा है। लोगों का कहना है कि काम पूरा होने के बाद यह वेटलैंड लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
37 एकड़ क्षेत्र का होगा डिमार्केशन:
LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार (Prathamesh Kumar) के अनुसार, लगभग 37 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित इस वेटलैंड को अतिक्रमण से बचाने के लिए पूरे क्षेत्र का डिमार्केशन कराया जाएगा। राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद मौके पर सीमाएं तय की जाएंगी, जिससे संरक्षण कार्यों को मजबूती मिलेगी और भविष्य में किसी भी तरह के अतिक्रमण पर रोक लगाई जा सकेगी।
पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान:
वेटलैंड के पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से लैब जांच कराई जा रही है। रासायनिक और जैविक तकनीकों की मदद से प्रदूषित जल का उपचार किया जा रहा है। जल शुद्धीकरण के लिए कैना (Canna) और वेटीवर (Vetiver) जैसे पौधों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर संतुलित बना रहे।
जलीय जीवों को मिलेगा प्राकृतिक वातावरण:
सीजी सिटी एसटीपी (STP) से ट्रीटेड पानी की सप्लाई कर पूरे साल वेटलैंड में जलस्तर बनाए रखने की योजना है। इससे जलीय जीवों को अनुकूल प्राकृतिक आवास मिलेगा और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पर्यावरण और पर्यटन का संगम:
वेटलैंड का यह विकास कार्य न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि भविष्य में यह क्षेत्र ईको टूरिज्म के रूप में भी पहचान बनाएगा। हरियाली, स्वच्छ जल और जैव विविधता के कारण यह स्थान लोगों को प्रकृति से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
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