नई दिल्ली (New Delhi) में सीबीएसई (CBSE) 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों को लेकर उठे विवादों और छात्रों की शिकायतों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने आंसर शीट सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून से बढ़ाकर 7 जून 2026 की मध्यरात्रि तक कर दी है। बोर्ड का कहना है कि यह निर्णय छात्रों को अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने और आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
तकनीकी समस्याओं के बाद बढ़ाई गई समय सीमा:
सीबीएसई (CBSE) ने 2 जून को पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल शुरू किया था, जिसके माध्यम से छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देख सकते हैं तथा सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि पोर्टल शुरू होने के बाद कई छात्रों ने तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की। कुछ विद्यार्थियों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं स्पष्ट न दिखने की बात कही, जबकि कुछ मामलों में गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड होने के दावे भी सामने आए। इन परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने आवेदन की अंतिम तिथि एक दिन आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
क्या है नया कार्यक्रम:
बोर्ड के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन दोनों के लिए आवेदन 7 जून 2026 की मध्यरात्रि तक किए जा सकेंगे। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो तकनीकी कारणों या अन्य समस्याओं के चलते निर्धारित समय में आवेदन नहीं कर पाए थे।
ऑनलाइन कैसे करें आवेदन:
छात्र सीबीएसई (CBSE) के पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरणों के माध्यम से लॉगिन करना होगा। इसके बाद संबंधित विषय या प्रश्न का चयन कर निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन में अंतर:
अंक सत्यापन प्रक्रिया में यह जांच की जाती है कि सभी प्रश्नों के अंक सही तरीके से जोड़े गए हैं या नहीं, किसी प्रश्न का मूल्यांकन छूटा तो नहीं है तथा कुल योग में कोई त्रुटि तो नहीं हुई। वहीं पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में छात्र किसी विशेष प्रश्न के मूल्यांकन की दोबारा जांच कराने का अनुरोध कर सकता है।
साइबर हमलों का भी दावा:
सीबीएसई (CBSE) ने दावा किया है कि पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल शुरू होने के बाद वेबसाइट पर कई बार साइबर हमलों की कोशिश की गई। बोर्ड के अनुसार बड़ी संख्या में अनधिकृत पहुंच के प्रयास किए गए, जिसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा की जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी छात्र के डेटा लीक होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
छात्रों की शिकायतों पर बोर्ड ने दिया जवाब:
परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान, धुंधली स्कैन कॉपी और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। बोर्ड ने कुछ तकनीकी त्रुटियों को स्वीकार करते हुए आवश्यक सुधार किए और प्रभावित छात्रों को सही उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराईं। हालांकि अन्य आरोपों को बोर्ड ने निराधार बताया है।
70 हजार से अधिक आवेदन पहुंचे:
बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 4 जून तक अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए कुल 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे। यह संख्या दर्शाती है कि बड़ी संख्या में छात्र अपने अंकों की दोबारा जांच कराना चाहते हैं।
ओएसएम प्रणाली को लेकर बढ़ा विवाद:
सीबीएसई (CBSE) ने वर्ष 2026 की 12वीं बोर्ड परीक्षा में पहली बार ओएसएम (OSM) प्रणाली लागू की थी। इस व्यवस्था के तहत उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया गया। बोर्ड का दावा था कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी, लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों ने मूल्यांकन से संबंधित विभिन्न शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके चलते यह प्रणाली चर्चा का विषय बन गई।
प्रशासनिक बदलाव भी चर्चा में:
परिणाम विवाद और लगातार उठ रहे सवालों के बीच सीबीएसई (CBSE) के चेयरमैन राहुल सिंह (Rahul Singh) और सचिव हिमांशु गुप्ता (Himanshu Gupta) के तबादले की भी चर्चा रही। साथ ही ओएसएम (OSM) प्रणाली और उससे संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा के लिए समिति गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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