कश्मीर में शुक्रवार को इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई। गुलमर्ग, सोनमर्ग और गुरेज में पहाड़ों की चोटियां पूरी तरह से सफेद हो गईं। वहीं, श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बर्फबारी और बारिश से पर्यटकों में उत्साह देखा गया और स्थानीय लोगों के बीच त्योहार जैसा माहौल बन गया।
IMD का अनुमान और मौसम की तैयारी:
मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को कहा था कि जम्मू-कश्मीर में 5 से 7 अक्टूबर तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। हालांकि, इससे पहले ही बर्फबारी और बारिश हो गई। पर्यटक और स्थानीय लोग पर्वतीय इलाकों में सफेद नज़ारों का आनंद ले रहे हैं।
बिहार और छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट:
बिहार और छत्तीसगढ़ में आज भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने बिहार के सभी 38 जिलों और छत्तीसगढ़ के 28 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। गुरुवार को बिहार के कई जिलों में हुई बारिश से दुर्गा पंडालों में 2-3 फीट तक पानी भर गया।

अन्य राज्यों में मौसम का असर:
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारी वर्षा की भविष्यवाणी की है। बारिश का यह दौर 6 से 7 अक्टूबर तक जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आज सुबह भारी बारिश और ओले गिरे। धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं में कल रात हल्की बर्फबारी हुई थी, जिससे धर्मशाला में न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम बदलने के साथ हिमाचल में सर्दी का मौसम जल्द ही शुरू हो जाएगा।

ओडिशा में भारी बारिश के कारण:
ओडिशा में भारी बारिश का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव या चक्रवात है। यह सिस्टम बहुत नमी वाला होता है और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश कराता है। समुद्र से आने वाली हवा की नमी भी बारिश को और बढ़ाती है।
पश्चिम बंगाल में बारिश का कारण:
पश्चिम बंगाल में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और दबाव बारिश का मुख्य कारण है। कभी-कभी मानसून की बची हुई नमी और लो प्रेशर सिस्टम भी तेज बारिश का कारण बनते हैं।
बिहार में अक्टूबर में बारिश:
बिहार में अक्टूबर में होने वाली बारिश अक्सर पश्चिमी विक्षोभ या बंगाल की खाड़ी के असर से होती है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम से आकर प्रदेश में बारिश करता है। यह सिस्टम ठंडे और गर्म हवाओं के टकराव से भारी वर्षा को जन्म देता है।
इस बार कश्मीर की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के साथ-साथ बिहार-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट ने देश के मौसम पर असर डाल दिया है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की हिदायतों का पालन करने की सलाह दी गई है।