बिहार- एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं:मुठभेड़ वाली जगह पर नारे लगे; मां बोली- सम्राट और उनकी पुलिस पर भरोसा नहीं
बिहार (Bihar) के भोजपुर (Bhojpur) में 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी (Bharat Tiwari) की तेरहवीं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। परिजनों के अनुसार, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए करीब 25 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लगभग 15 हजार अन्य लोगों के लिए अतिरिक्त राशन का भी प्रबंध रखा गया है। श्राद्ध कार्यक्रम के लिए भोजन बनाने का कार्य शुरू हो चुका है और आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
भोजन और ठहरने की व्यापक व्यवस्था:
परिजनों के मुताबिक गांव के आसपास स्थित खेतों में दो बड़े टेंट लगाए गए हैं। श्रद्धांजलि सभा में आने वाले लोगों के बैठने और भोजन करने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। वहीं, बाहर से आने वाले लोगों के विश्राम के लिए खेतों में पलंग लगाए गए हैं। घर के सामने एक विशाल शामियाना भी तैयार किया गया है, जहां श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। मौसम को ध्यान में रखते हुए कूलर और पंखों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कई राज्यों से लोगों के पहुंचने की संभावना:
भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी (Kashinath Tiwari) और भाई चंदन तिवारी (Chandan Tiwari) ने बताया कि तेरहवीं कार्यक्रम में बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), हरियाणा (Haryana) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सहित कई राज्यों से हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने, आराम और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने को कहा:
भरत तिवारी मुठभेड़ मामले से जुड़ी याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को संबंधित मामले में हाईकोर्ट (High Court) का रुख करने की सलाह दी है।
मां ने जांच को लेकर जताई नाराजगी:
भरत तिवारी की मां आशा देवी (Asha Devi) ने कहा कि उनके बेटे का श्राद्धकर्म हो रहा है, लेकिन उनकी शिकायत के अनुसार अब तक उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर संतोष नहीं है। यह उनके व्यक्तिगत आरोप और बयान हैं।
भाई ने स्मारक बनाने की कही बात:
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि न्यायालय से न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के कुछ लोग घटनास्थल पर भरत तिवारी की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उनका कहना है कि यदि सरकार स्मारक का निर्माण नहीं कराती है तो परिवार स्वयं गांव में स्मारक बनवाने का प्रयास करेगा। यह परिवार की ओर से व्यक्त किया गया बयान है।
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