अभिनेन्द्र की कलम से…
चर्चा किसकी ज्यादा हो कांग्रेस की भारत जोडो यात्रा की या कांग्रेस में टूट फूट की? कांग्रेस की राजनीति भी खूब है जाती और धर्म की राजनीति में भारत जोड़ो यात्रा को सफल बनने का प्रण ले लिया है लेकिन आज के दौर में दलबदल एक प्रतिष्ठित राजनीतिक कर्म हो चुका है. इसके लिए आप ईश्वर और जनता से किया गया वादा तोड़कर किसी सत्ता धारी पार्टी में शामिल हो जाइए. तब भी आपका ओहदा इतना बढ सकता है कि एक नेता अपने विधायकों को लेकर जाए और मुख्यमंत्री बन जाए. खैर सब नहीं बन सकते तो क्या हुआ सपने तो देख सकते हैं.
अब सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर को देख लीजिये. 2017 में भाजपा से गठबंधन किया और गठबंधन में रहते हुए भाजपा को ही कोसना शुरू किया. उत्तर प्रदेश के विधानसभा 2022 से पहले समाजवादी पार्टी का साथ पकड़ा और योगी आदित्यनाथ को कोसा, पानी पी पी कर भाजपा को धमकी देना भी नहीं भुला और अब कई अटकलों के बाद फिर भाजपा में ही रास्ता तलाश रहे हैं. पिछले दिनों सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आवास पर पहुंचे. मुलाकात के बाद बृजेश पाठक ने ओमप्रकाश राजभर को अटल बिहारी बाजपेई फाउंडेशन का सह अध्यक्ष नियुक्त किया है. इससे पहले बीजेपी से गठबंधन को लेकर जवाब देते हुए कहा था, “राजनीति में कोई कसम किसी ने खायी है. क्या बीजेपी और पीडीपी में गठबंधन एक होने की संभावना कभी थी? राजनीति में नेता बार बार कहता हूं कि नेता दुमुहिया सांप होते हैं. कब क्या बोल देंगे कुछ पता नहीं. ” वाह रे राजभर जी…
खैर पूर्वांचल में जाति और धर्म की राजनीति के बिच कांग्रेस नया रास्ता बनाने में लगी है. कांग्रेस भूल गई भारत जोड़ो की नई तरकीब वो जिस क्षेत्र में चला रही है जानकारों का मानना है कि वहां जाति तोड़ो और कुर्सी पाओ वाला फार्मूला चलता है. खैर कांग्रेस ने मजबूती के साथ इस जनपद गाजीपुर में इस यात्रा की शुरुवात किया. कांग्रेस की प्रादेशिक भारत जोड़ो यात्रा बुधवार को प्रांतीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय और सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ गाजीपुर शहर के नई सब्जी मंडी के पास पहुंची. यहाँ सबसे पहले तिरंगे के निचे खड़े होकर सभी कांग्रेसियों राष्ट्रगीत वन्दे मातरम का गान किया. इस दौरान अजय राय ने कहा कि यह यात्रा देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, महंगाई, मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी, राजनीतिक केंद्रीकरण और विशेष रूप से भय, और कट्टरता की राजनीति और “नफरत” के खिलाफ लड़ने के लिए बनाया गया था और पिछले 11 दिसम्बर से इन्हीं उद्देश्यों के साथ कॉंग्रेस पार्टी की प्रांतीय यात्रा प्रयागराज से शुरू है जिसमें हजारों लोग जुड़े हैं.
जानकारों का मानना है कि कांग्रेस नेता राहुल गाँधी भारत जोड़ो यात्रा को समझदारी से आगे लेकर चल रहे हैं और उन्हें जनता का समर्थन भी मिल रहा. इस दौरान वो मेन स्ट्रीम मीडिया से दुरी बनाते हुए भी नज़र आ जायेंगें और डिजिटल मीडिया का खुल कर स्वागत करते नज़र आ जायेंगें. ऐसा क्यों है ये राहुल गाँधी ही बता सकते हैं. राहुल गाँधी विवादित बयानबाजियों से बच भी रहे हैं लेकिन प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय से न रहा गया उन्होंने स्मृति इर्नानी को लेकर अमेठी में लटके झटके वाला बयान दे ही दिया और उन्हें महिला आयोग का नोटिस भी आ गया. अजय राय ने राष्ट्रीय महिला आयोग की नोटिस पर बयान देते हुए कहाकि हम महिला आयोग की नोटिस का जवाब देंगे।उन्होंने कहाकि हम मुकदमे के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।अजय राय ने कहाकि जब सोनिया गांधी को अपशब्द बोले गए,तब महिला आयोग की नोटिस नही आयी।
खैर इतना ही नहीं अजय राय ने मुख़्तार अंसारी, स्वर्गीय कृष्णानंद राय और पीएम मोदी को लेकर भी बड़ा बयान दे दिया.
लोगों का कहना है कि नफरत को दूर करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकालने वाली कांग्रेस में ऐसा ही चलता रहा तो देश के अन्य जगहों का तो नहीं पता लेकिन यूपी में पिछले 3 दशकों की तरह फिर समस्या हो सकती है. वैसे ही यहाँ जातिगत और धर्म आधारित राजनीति का बोलबाला है.

