पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने दमदम और जादवपुर में आयोजित चुनावी रैलियों में हिस्सा लिया और राज्य की मौजूदा स्थिति पर तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है और पहले चरण के मतदान ने इस पर मुहर लगा दी है।
टीएमसी पर पीएम का सीधा हमला:
रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उसका समय समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि “बुझता हुआ दिया फड़फड़ाता है” और यही स्थिति टीएमसी की हो चुकी है। उनके अनुसार, जनता अब परिवर्तन चाहती है और इस बार मतदान में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
महिला सुरक्षा और आरक्षण पर जोर:
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा (Bharatiya Janata Party) महिलाओं के अधिकारों और उनके सपनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी स्थिति में बेटियों के सपनों को कुचलने नहीं दिया जाएगा।
अमित शाह का भी बड़ा दावा:
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि 4 मई को राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल का मुख्यमंत्री राज्य का ही निवासी होगा और किसी परिवार विशेष से जुड़ा नहीं होगा। यह बयान भी चुनावी माहौल में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल:
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पहले चरण के दौरान 152 सीटों पर 92.72% मतदान दर्ज किया गया, जो एक रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है। अब दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इतनी अधिक वोटिंग ने चुनावी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है।
मोदी के भाषण के प्रमुख बिंदु:
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल को टीएमसी के डर, भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज से मुक्ति चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को भी प्रमुख मुद्दा बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले चरण में जनता ने लोकतंत्र को मजबूत करने का संदेश दिया है और दूसरे चरण में इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
महिलाओं के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि जब बेटियां न्याय मांगती हैं, तो उन्हें रोकने की कोशिश की जाती है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो महिलाओं से जुड़े मामलों की जांच की जाएगी।
टीएमसी की ओर से पलटवार:
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के नेता अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले अपराधी जेल जाते थे, लेकिन अब वे भाजपा में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि समाज के सम्मानित लोग इस पार्टी के साथ नहीं हैं।
महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र:
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ‘मातृ शक्ति भरोसा कार्ड’ के जरिए महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये, यानी सालाना 36,000 रुपये की सहायता देने का वादा किया जा रहा है।
चुनाव परिणाम पर टिकी नजरें:
राज्य में जिस तरह से मतदान प्रतिशत बढ़ा है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है, उससे साफ है कि मुकाबला कड़ा होने वाला है। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
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