शंकराचार्य के अपमान पर इस्तीफा देने वाले मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड, जानिए पूरा मामला।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान से जुड़े घटनाक्रम के बाद बरेली में प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस प्रकरण में इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन की ओर से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है और आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय किए जाने की बात कही जा रही है।

निलंबन के साथ विभागीय जांच के आदेश:
शासन स्तर से की गई कार्रवाई के तहत सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनके इस्तीफे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान स्थिति में उन्हें शामली (Shamli) अटैच कर दिया गया है।

कमिश्नर को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली (Bareilly) के कमिश्नर को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच के दौरान इस्तीफे की पृष्ठभूमि, लगाए गए आरोप और उससे जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

शंकराचार्य से फोन पर हुई बातचीत:
देर रात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwaranand) और सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि पूरा सनातनी समाज उनसे प्रसन्न है। उन्होंने यह भी कहा कि जो पद उन्हें सरकार ने दिया था, उससे बड़ा पद उन्हें धर्म के क्षेत्र में देने की बात समाज की ओर से कही गई है।

गणतंत्र दिवस पर दिया गया इस्तीफा:
अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के दिन अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने इसके पीछे UGC के नए कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ कथित मारपीट की घटना को कारण बताया। इस्तीफे के साथ उन्होंने पांच पेज का एक पत्र भी लिखा था, जिसमें अपनी बात विस्तार से रखी थी।

डीएम से मुलाकात और लगाए गए आरोप:
इस्तीफा देने के बाद शाम करीब साढ़े सात बजे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बरेली (Bareilly) के डीएम अविनाश सिंह (Avinash Singh) से मिलने उनके आवास पहुंचे थे। बाहर आने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें डीएम आवास में करीब 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और बाद में SSP के कहने पर छोड़ा गया। हालांकि, ADM ने इन आरोपों को गलत बताया है।

सरकारी आवास किया खाली:
रात करीब 11 बजे अलंकार अग्निहोत्री ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया। बताया गया है कि फिलहाल वे बरेली में ही अपने किसी परिचित के यहां ठहरे हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर उनकी तैनाती और आगे की स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।

इस्तीफा वापस न लेने का बयान:
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) से बातचीत में कहा कि वह अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार से उनका मोहभंग हो गया है और अब आगे क्या करना है, यह समाज तय करेगा।

सुनियोजित साजिश का आरोप:
अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत डीएम आवास बुलाया गया था। उनका आरोप है कि उनसे यह लिखवाने की कोशिश की गई कि वह अपना इस्तीफा होल्ड कर रहे हैं, ताकि बाद में उन पर किसी आरोप के तहत निलंबन की कार्रवाई की जा सके।

फोन कॉल से जुड़ा दावा:
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएम का फोन स्पीकर पर था और दरवाजा खुला हुआ था। फोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिसे वहां मौजूद अन्य अधिकारियों ने भी सुना। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई, जिसके बाद फोन बंद किया गया।

मामले ने पकड़ा तूल:
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर शासन की ओर से निलंबन और जांच की कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर सिटी मजिस्ट्रेट के बयान और आरोपों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजरें विभागीय जांच पर टिकी हुई हैं।

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