लखनऊ: बार काउंसिल चुनाव में गड़बड़ी का आरोप, वकीलों का हंगामा

लखनऊ (Lucknow) समेत प्रदेश के 17 जिलों में बार काउंसिल के चुनाव के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मतदान के समय एक अधिवक्ता ने अपने मतपत्र पर प्रत्याशी के नाम के आगे पहले से टिक लगा हुआ पाया। यह घटना लखनऊ स्थित हाईकोर्ट परिसर में सामने आई, जहां शाम करीब 4 बजे मतदान के दौरान उक्त स्थिति देखी गई। अधिवक्ता द्वारा आपत्ति जताने और आवाज उठाने के बाद मौके पर मौजूद अन्य वकीलों में भी रोष फैल गया, जिसके चलते मतदान प्रक्रिया को तत्काल रोकना पड़ा। निर्धारित समय से पहले मतदान रुकने के कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके।

घटना के बाद हाईकोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। वकीलों का कहना था कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है और इस तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। स्थिति को संभालने के लिए चुनाव से जुड़े अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे।

निर्धारित समय से पहले रुका मतदान:

बार काउंसिल चुनाव के तहत वकीलों को शाम 5 बजे तक मतदान करने का समय दिया गया था, लेकिन अव्यवस्था और विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के कारण लखनऊ में लगभग एक घंटे पहले ही मतदान रोक दिया गया। इस घटना से नाराज अधिवक्ताओं ने निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग उठाई। चुनाव 17 जिला मुख्यालयों और आउट लाइंग मुंसिफ कोर्ट परिसरों में एक साथ चल रहा है, जहां अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

बार काउंसिल सदस्य पद के लिए इस चुनाव में कुल 333 वैध प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में पहले से ही उत्साह था, लेकिन लखनऊ में सामने आई घटना ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाईपावर इलेक्शन कमेटी की निगरानी में प्रक्रिया:

चुनाव अधिकारी एवं काउंसिल के सचिव आरके शुक्ला (R.K. Shukla) ने बताया कि बार काउंसिल के सभी चुनाव सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा गठित हाईपावर इलेक्शन कमेटी की निगरानी में कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

प्रदेशभर में चार चरणों में कराए जा रहे इस चुनाव में कुल 2 लाख 49 हजार 808 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रत्येक चरण में अलग-अलग जिलों को शामिल किया गया है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम:

सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। मतदान केंद्रों में केवल अधिकृत अधिवक्ताओं को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। चुनाव अधिकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था को रोकना है।

प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन शुल्क के रूप में 1.50 लाख रुपए जमा करने के साथ-साथ 80 जिलों की मतदाता सूची प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त 25 हजार रुपए का भुगतान करना पड़ा है। यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने के लिए की गई है।

तीसरे चरण में इन जिलों में मतदान:

चुनाव अधिकारी के मुताबिक तीसरे चरण में लखनऊ (Lucknow) के साथ कन्नौज (Kannauj), कानपुर नगर (Kanpur Nagar), कासगंज (Kasganj), कौशाम्बी (Kaushambi), कुशीनगर (Kushinagar), लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri), ललितपुर (Lalitpur), महाराजगंज (Maharajganj), महोबा (Mahoba), मैनपुरी (Mainpuri), मथुरा (Mathura), मऊ (Mau), मेरठ (Meerut), मीरजापुर (Mirzapur), मुरादाबाद (Moradabad) और मुजफ्फर नगर (Muzaffarnagar) में मतदान कराया जा रहा है। सभी स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी के बीच मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

चौथा और अंतिम चरण 30-31 जनवरी को:

बार काउंसिल चुनाव का चौथा एवं अंतिम चरण 30 और 31 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस चरण में पीलीभीत (Pilibhit), प्रतापगढ़ (Pratapgarh), प्रयागराज (Prayagraj), रायबरेली (Rae Bareli), रामपुर (Rampur), रमाबाई नगर (Rama Bai Nagar), सहारनपुर (Saharanpur), संभल (Sambhal), संत कबीर नगर (Sant Kabir Nagar), शाहजहांपुर (Shahjahanpur), शामली (Shamli), श्रावस्ती (Shravasti), सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar), सीतापुर (Sitapur), सोनभद्र (Sonbhadra), सुल्तानपुर (Sultanpur) और वाराणसी (Varanasi) में अधिवक्ता मतदान करेंगे।

हाईपावर कमेटी और पर्यवेक्षक:

यह संपूर्ण चुनाव सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित हाईपावर इलेक्शन कमेटी की देखरेख में कराया जा रहा है। कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रविरंजन (Justice Raviranjan), पूर्व मुख्य न्यायाधीश, झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) हैं। सदस्यों में न्यायमूर्ति एस.आर. मसूरी (Justice S.R. Masuri), पूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली (Justice Rekha Palli), पूर्व न्यायाधीश, दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) शामिल हैं।

चुनाव के निर्वाचन अधिकारी न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी (Justice Arvind Kumar Tripathi) तथा पर्यवेक्षक न्यायमूर्ति सुरेन्द्र सिंह (Justice Surendra Singh) हैं, जो दोनों ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं।

पहले दो चरण रहे शांतिपूर्ण:

बार काउंसिल चुनाव के पहले चरण का मतदान 16 और 17 जनवरी को तथा दूसरे चरण का मतदान 20 और 21 जनवरी को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुका है। पहले चरण में ए, बी और सी अक्षर से शुरू होने वाले जिलों में मतदान कराया गया था। अधिकारियों के अनुसार, शेष चरणों में भी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के प्रयास जारी रहेंगे।


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