Video: बांदा: 13 साल बाद खत्म हुआ मिर्ची कांड, एक लाख का इनामी मुठभेड़ में गिरफ्तार

रिपोर्ट: अभिषेक शुक्ला

उत्तर प्रदेश के बांदा (Banda) जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पेशी से लौटते समय पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर राइफल लूटने और पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए एक लाख के इनामी मोस्ट वांटेड बदमाश को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर है। यह गिरफ्तारी 13 साल से फरार चल रहे आरोपी की लंबे समय से चल रही तलाश का अहम नतीजा मानी जा रही है।

एसओजी और थाना पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन:
यह कार्रवाई जनपद बांदा (Banda) की एसओजी (SOG) और थाना मटौंध (Matoundh Police Station) की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल (Palash Bansal) के निर्देशन में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। पुलिस टीम भूरागढ़ बाईपास (Bhuragarh Bypass) क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति सोना खदान (Sona Khadan) के पास हथियार के साथ मौजूद है।

सूचना पर घेराबंदी, फायरिंग में घायल हुआ बदमाश:
मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे मौके से गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

13 साल पुरानी फरारी की कहानी:
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम संदीप पुत्र शिव अवतार, उम्र लगभग 49 वर्ष, निवासी ग्राम खोह, थाना कोतवाली कर्वी (Karvi Kotwali) बताया। पुलिस के अनुसार 8 अगस्त 2012 को कर्वी (Karvi) न्यायालय से पेशी के बाद जिला कारागार बांदा ले जाते समय आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा में तैनात कर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया था। इसके बाद वह पुलिस की राइफल लूटकर फरार हो गया था। इस घटना ने उस समय पुलिस व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया था।

एक साथ 13 कैदियों की फरारी का मामला:
साल 2012 में हुई इस घटना में एक साथ 13 कैदी फरार हुए थे। पुलिस ने लगातार अभियान चलाते हुए वर्ष 2015 तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन संदीप पुलिस की पकड़ से बाहर बना रहा। बीते 13 वर्षों से पुलिस और एसटीएफ (STF) उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस महानिदेशक स्तर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

अवैध हथियार और कारतूस बरामद:
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरारी के दौरान आपराधिक गतिविधियों से भी जुड़ा रहा है। बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की सतर्कता से बड़ी कामयाबी:
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरफ्तारी लगातार निगरानी, खुफिया सूचनाओं और टीमवर्क का नतीजा है। लंबे समय से फरार आरोपी की पकड़ से जिले में कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार होगी।

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