बलिया में व्हाट्सऐप के जरिए लोगों को भरोसे में लेकर पैसे मांगने का मामला सामने आया है। परिचितों के नंबर से अचानक संदेश भेजकर जरूरी काम के नाम पर रकम मांगी जा रही है। संदेश में यूपीआई काम नहीं करने की बात कहकर कुछ समय बाद पैसे लौटाने का भरोसा दिया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में अमित कुमार के व्हाट्सऐप से भेजे गए संदेश पर विजयानंद ठाकुर ने आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि अमित के व्हाट्सऐप के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
पार्सल के नाम पर आया संदेश, फिर मोबाइल हुआ हैंग:
अमित कुमार ने बताया कि पहले उनके मोबाइल पर पार्सल से संबंधित एक संदेश आया था। उनसे पार्सल लेने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि उस समय जरूरी काम में व्यस्त होने के कारण बाद में पार्सल लेने की बात कही। इसके बाद दोबारा संपर्क किए जाने पर उनका मोबाइल हैंग हो गया।
अमित के अनुसार इसके बाद उनके मोबाइल में सुरक्षित नंबरों पर व्हाट्सऐप के माध्यम से अपने आप संदेश जाने लगे। इन संदेशों में पैसों की जरूरत बताते हुए रकम भेजने की मांग की जा रही थी। उनका मोबाइल नंबर भी बंद बताया जा रहा था। मामले की जानकारी होने पर वह बलिया कोतवाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद साइबर सेल में शुरू हुई कार्रवाई:
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अमित के मोबाइल से व्हाट्सऐप हटवाया और मोबाइल साइबर सेल में जमा कराया। मामले में विधिक कार्रवाई शुरू की गई। अमित के मुताबिक रातभर उनके नंबर से पैसों की मांग वाले संदेश भेजे जाते रहे और मोबाइल में व्हाट्सऐप ऑनलाइन भी दिखाई देता रहा।
इसी दौरान उनके परिचित विजयानंद ठाकुर के पास भी संदेश पहुंचा। उन्होंने बताया कि रात करीब 9:51 बजे अमित के व्हाट्सऐप से 45 हजार रुपये की जरूरत बताई गई। उन्होंने अमित को फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद था। उन्हें लगा कि अमित किसी परेशानी में हैं।
विजयानंद के अनुसार उनके खाते में उस समय आठ हजार रुपये ही थे। उन्होंने संदेश के जवाब में आठ हजार रुपये भेजने की बात कही। इसके बाद सामने से उतनी ही रकम भेजने के लिए कहा गया और उन्होंने आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि अमित के व्हाट्सऐप से इस तरह के संदेश भेजे जा रहे थे।
अन्य परिचितों को भी भेजे गए पैसों के संदेश:
बलिया निवासी मंटू कुमार ने बताया कि उन्हें भी अमित के नंबर से पैसों की जरूरत वाला संदेश मिला था। वह अमित को फोन करने वाले थे, तभी उनके मित्र ने जानकारी दी कि अमित के व्हाट्सऐप से पैसे की मांग की जा रही है और रकम नहीं भेजनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने पैसे नहीं भेजे।
बताया गया कि इसी तरह का मामला बेल्थरा रोड निवासी अभय मिश्रा से भी जुड़ा है। उनके नाम से भी कई लोगों को व्हाट्सऐप संदेश भेजे गए। संदेश में यूपीआई काम नहीं करने और तत्काल भुगतान की जरूरत होने की बात कही गई। जब पूछा गया कि कितनी रकम चाहिए तो 75 हजार रुपये की मांग की गई।
पुलिस ने साइबर ठगी से बचने की दी सलाह:
बलिया पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह ने इसे साइबर ठगी का मामला बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर ठग किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद उसके परिचितों से मदद के नाम पर पैसे की मांग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी परिचित के नंबर से भी पैसे मांगने वाला संदेश आए तो केवल संदेश देखकर रकम नहीं भेजनी चाहिए। संबंधित व्यक्ति से फोन पर बात करके पहले इसकी पुष्टि करनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने अनजान नंबर से आने वाली कॉल और किसी फाइल को अपलोड करने के लिए कहे जाने पर भी सावधानी बरतने को कहा।
अनजान फाइल और संदेश खोलने से बचें:
पुलिस के अनुसार अनजान फाइल को खोलने या अपलोड करने में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसी फाइल जिसके अंत में एपीके लिखा हो, उसे बिना पुष्टि के खोलने से बचना चाहिए। साइबर ठग मोबाइल तक पहुंच बनाने के बाद उसमें मौजूद संपर्क नंबरों पर संदेश भेजकर लोगों को भ्रमित कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर ठग अक्सर भावनात्मक संदेश भेजकर लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे में परिचित के नंबर से आई पैसों की मांग को पहले फोन करके सत्यापित करना जरूरी है।
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रिपोर्टर: अमित कुमार
