रिपोर्ट: अमित कुमार
Ballia: ख़बर यू पी के बलिया से है।जहाँ भले ही सरकार भू माफियाओं पर लगाम लगाने को लेकर बड़े बड़े दावे करती हों लेकिन आज भी भू माफियाओं के आज आम जनता परेशान है आज बलिया में भू माफियाओं का बोल बाला है।
भू माफिया मृतक से कराते है जमीन की रजिस्ट्री।जी हां यह बलिया है बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के बजहा गांव से चौकाने वाला मामला सामने आया है जिसे जानकर आप चौक जायेंगे।यहां भू माफिया किस तरह से खेल करते हैं आप जानकर हैरान हो जायेगे।
पूरे गाँव में 8 से 10 लोग अपनी फ़रियाद लेकर पहुंचे जिलाधिकारी के पास पहुंचे थे और जिलाधिकारी से अपनी फरियाद लगाई है कि ग़लत तरीक़े से उनकी ज़मीन उसी के गाँव के ही एक भू माफिया अपने नाम ज़मीन रजिस्ट्री करा लेने का दावा ठोक रहा हैं।
वहीं पीड़ित कृपा शंकर तिवारी ने आरोप लगाया कि तहसील में बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है तहसील में तहसीदार,बड़े बाबू और आरके के द्वारा ये सभी भू माफियाओं से मिले हुए है। भू माफियाओं से मिलकर जितने लोग मर गए है कोई 1975 में मरा है कोई 1933 में मरा है कोई 1960 में मरा है उनके नाम रजिस्ट्री दिखाकर रजिस्ट्री विभाग में यहां लियाकर तहसीलदार और एसडीएम से मिले हुए है।
रजिस्ट्री विभाग में सबका नाम खारिज करके हमारे यहां दो दो चकबंदी बीत गई।1962 में और 2005 में हमारे यहां चकबंदी हुई थी। अक्षयबर नाथ तिवारी है जो अपना नाम चढ़ाकर लिया है 1962 में मरे हुए व्यक्ति अक्षयबर तिवारी को रजिस्ट्री किए है।बताइए मुर्दा आदमी कहा से रजिस्ट्री करेगा।तहसीलदार को चपरासी की नौकरी करनी चाहिए। तहसीलदार इतने पढ़े लिखे आदमी होकर रजिस्ट्री का डेट पूछने पर नही दिखा रहे है।