Video:बलिया: जमीन विवाद से परेशान बुजुर्ग महिला ने प्रशासन और मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Ballia) जनपद की बिल्थरारोड तहसील (Belthara Road Tehsil) क्षेत्र से चकबंदी प्रक्रिया को लेकर एक मामला सामने आया है। पिपरौली बड़ागांव (Piprauli Bada Gaon) में चल रही चकबंदी के दौरान एक महिला काश्तकार ने बेल्थरा रोड विधायक हंसू राम (Hansu Ram), उनके प्रतिनिधि और चकबंदी विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता नबीउन निशा (Nabiun Nisha) ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मामले में न्याय की मांग की है।
महिला का आरोप है कि उनके और उनके पुत्र एनुल हक (Enul Haq) के नाम दर्ज बैनामे की जमीन को कथित रूप से दबाव बनाकर अनुसूचित आबादी घोषित कर सुरक्षित कर दिया गया। मामले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
जमीन को लेकर लगाए गंभीर आरोप:
पीड़िता नबीउन निशा का कहना है कि गाटा संख्या 762 की जमीन उनके और उनके पुत्र के नाम दर्ज है। उनका आरोप है कि पहले गाटा संख्या 999/2 को अनुसूचित आबादी घोषित किया गया था, लेकिन बाद में उनकी जमीन को भी इसमें शामिल कर लिया गया।
महिला ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई विधायक और उनके प्रतिनिधि के दबाव में की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी भूमि को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो रही है।
मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का दावा:
पीड़िता के अनुसार यह मामला डीडीसी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद लेखपाल और चकबंदी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नापी कराने में जुटे हुए हैं। परिवार का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई जारी रखना उचित नहीं है।
महिला और उनके परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है और संबंधित विभाग पर बाहरी दबाव काम कर रहा है।
जिलाधिकारी से की न्याय की मांग:
नबीउन निशा ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह (Mangla Prasad Singh) से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि चकबंदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और उनकी जमीन से जुड़े विवाद का निष्पक्ष समाधान कराया जाए।
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
परिवार ने प्रशासनिक दबाव का आरोप लगाया:
पीड़ित परिवार का कहना है कि विधायक और उनके प्रतिनिधि के प्रभाव के कारण उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी बात को उचित तरीके से नहीं सुना गया।
महिला और उनके बेटे ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। वहीं स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
चकबंदी प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल:
इस पूरे प्रकरण के बाद चकबंदी प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है ताकि किसी भी पक्ष को असुविधा न हो।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है।
#Tags: #Ballia #BeltharaRoad #HansuRam #Chakbandi #UPNews
Disclaimer:
“यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।”
रिपोर्टर: अमित कुमार