रिपोर्टर: जफ़र इकबाल
गाजीपुर (Ghazipur) के दिलदारनगर (Dildarnagar) में एसकेबीएम इंटर कॉलेज परिसर में स्थित हॉकी खिलाड़ी शहीद बदरुद्दीन ख़ां का 71वां उर्स शुक्रवार को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर उपस्थित अकीदतमंदों ने दोपहर तीन बजे उनकी मजार पर चादरपोशी की और देश में अमन-चैन, सलामती और बरकत की दुआ मांगी। कार्यक्रम में खेल प्रेमियों ने शहीद की स्मृति को संजोने के लिए स्टेडियम निर्माण की भी मांग उठाई।
शहीद बदरुद्दीन ख़ां का खेल जीवन:
शहाबुद्दीन उर्फ़ शहाब ख़ां ने बताया कि वर्ष 1955 में जोनल हॉकी फाइनल मैच के दौरान एक असहनीय खेल दुर्घटना में शहीद बदरुद्दीन ख़ां का निधन हो गया। वे अपने दौर के बेहतरीन हॉकी खिलाड़ियों में शुमार थे और उनके खेल कौशल ने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहचान दिलाई। उनके योगदान और संघर्ष को याद करते हुए अकीदतमंदों ने उनकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
स्मृति को जीवंत बनाए रखने की पहल:
शहीद बदरुद्दीन ख़ां की याद को संजोने के लिए कॉलेज परिसर में ‘बदरुद्दीन मेमोरियल लाइब्रेरी’ की स्थापना की गई है। इसके अलावा उनके पैतृक गांव गोड़सरा (Godsara) में ‘बदरुद्दीन मेमोरियल स्पोर्टिंग क्लब’ और ‘बदरुद्दीन मेमोरियल फाउंडेशन’ की स्थापना की गई, जिससे खेल और सामाजिक गतिविधियों में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों तक पहुँच सके।
आगामी पुस्तक पर तैयारी:
शहाब ख़ां ने बताया कि शहीद बदरुद्दीन ख़ां के खेल जीवन और संघर्ष पर आधारित एक पुस्तक भी आने वाली है। इस पुस्तक के माध्यम से उनके साहस, खेल में योगदान और जीवन की चुनौतियों को विस्तृत रूप में सामने लाया जाएगा।
स्टेडियम निर्माण की मांग:
कार्यक्रम में उपस्थित अकीदतमंदों और खेल प्रेमियों ने शहीद बदरुद्दीन ख़ां की याद में एक स्टेडियम बनाने की मांग की। उनका मानना है कि स्टेडियम बनने से न केवल खेल प्रेमियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा भी मिलेगी और शहीद की स्मृति हमेशा जीवंत रहेगी।
उपस्थित अकीदतमंद और आयोजन:
उर्स समारोह में कॉलेज मैनेजर गुलाम मज़हर ख़ां, खेल शिक्षक इब्राहिम ख़ां, मौलाना फैज़ मिस्बाही, अफजल शम्सी, तौकीर खां, मेराज अहमद ख़ां, अब्दुल सलाम ख़ां, शोएब ख़ां, हाशिम खां, नफीस खां, इसरत खां, मोनू मिस्बाह ख़ां, हिसामुद्दीन, गयासुद्दीन, इमामुद्दीन और कयामुद्दीन सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से शहीद की स्मृति को सम्मानित किया और उनके जीवन की प्रेरक कहानियों को साझा किया।
भविष्य की दिशा:
अकीदतमंदों और खेल प्रेमियों का कहना है कि शहीद बदरुद्दीन ख़ां की स्मृति में स्टेडियम निर्माण से न केवल खेल का विकास होगा बल्कि युवा पीढ़ी को उनके साहस और खेल के प्रति समर्पण की सीख भी मिलेगी। शहर के खेल और सांस्कृतिक विकास के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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