आज़मगढ़। जनपद के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नौशहरा निवासी लोको पायलट दुर्गेश कुमार की तीन दिन पूर्व हुई संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस घटना में जिस युवती से संबंध होने का आरोप लगाया जा रहा था, वह शुक्रवार को एसपी ऑफिस पहुंची और अपने परिवार पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
पीड़िता ने अधिकारियों से कहा कि दुर्गेश कुमार ने जहर खाकर आत्महत्या की थी और उसके परिवार का इसमें कोई दोष नहीं है। उसने आरोप लगाया कि लोको पायलट का परिवार बेहद संपन्न और प्रभावशाली है, जिसके दबाव में उसके गरीब परिवार को झूठा फंसाया जा रहा है।
युवती का कहना है कि दुर्गेश ने उसके पिता की मदद का बहाना बनाकर उससे संपर्क साधा और लंबे समय तक दबाव डालकर बातचीत करता रहा। तीन वर्षों तक संबंध बनाए रखे, लेकिन जब उसकी मनमानी नहीं चली तो आत्महत्या की धमकी देने लगा। युवती ने बताया कि दुर्गेश लगातार कॉल और मैसेज कर परेशान करता था और आखिरकार उसने खुदकुशी कर ली।
युवती ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी बनाए गए ज्ञानेंद्र मिश्रा का इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है। ज्ञानेंद्र मिश्रा केवल समझाने के लिए बीच-बचाव कर रहे थे। बावजूद इसके, लोको पायलट के परिजनों के दबाव में उनके परिवार को बेवजह इस प्रकरण में घसीटकर जेल भेज दिया गया है।
पीड़िता ने एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उसके निर्दोष परिवार को बचाया जाए और इस मामले में सच्चाई सामने लाई जाए।
👉 इस घटना ने अब नया मोड़ ले लिया है और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आखिर लोको पायलट की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और वजह।
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Report: Rakesh Verma