रामपुर: जेल में बीमार आजम खान से मिलने पहुंची पत्नी तजीन

यूपी (Uttar Pradesh) के रामपुर (Rampur) जिला जेल में बंद सपा (Samajwadi Party) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान (Mohammad Azam Khan) की सेहत और जेल में उनके ठंड से बचाव को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। उनकी पत्नी तंजीन फातिमा (Tanzeen Fatima) बुधवार को जेल पहुंचीं और लगभग आधे घंटे तक आजम खान से मुलाकात की। मुलाकात के बाद तंजीन फातिमा ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने कहा कि आजम खान को सर्दी-जुकाम और बुखार होने के बावजूद पर्याप्त सुविधा नहीं दी जा रही है।

जेल में बेड की सुविधा नहीं, जमीन पर सोने को मजबूर:
तंजीन फातिमा ने बताया कि आजम खान कड़ाके की ठंड में जमीन पर सोने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, “उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए आजम को नियमों के तहत ‘ए-श्रेणी’ की सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन जेल प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, कई बार इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन हर बार अनदेखी की गई।

पूर्व डीजीपी का स्पष्टीकरण:
यूपी (Uttar Pradesh) के पूर्व डीजीपी (DG Police) सुलखान सिंह (Sulakhan Singh) ने बताया कि जेल में सभी कैदियों को एक समान सुविधाएं दी जाती हैं। हालांकि, यदि सरकार किसी कैदी को ‘सुपीरियर कैदी’ (Superior Prisoner) का दर्जा देती है, तो उसकी सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं। इसके तहत बेड, गर्म कपड़े या अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके अलावा, कैदी कोर्ट (Court) के समक्ष अपनी जरूरत की चीजें मांग सकता है और कोर्ट अनुमति देने पर जेल प्रशासन उसकी व्यवस्था करता है।

पिछली मुलाकातों में भी उठे थे सवाल:
तंजीन फातिमा और बड़े बेटे अदीब आजम (Adeeb Azam) ने इससे पहले भी जेल में आजम खान की ठंड से सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि उम्र और स्वास्थ्य की दृष्टि से यह मानवीय अधिकारों के तहत सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

जेल प्रशासन का रुख:
जेल प्रशासन (Jail Administration) ने फिलहाल इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन कैदी की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखता है, लेकिन अधिकारियों ने विशेष रूप से ‘ए-श्रेणी’ सुविधा के बारे में तंजीन की शिकायत को स्वीकार करने या खारिज करने के संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

कड़ाके की ठंड और स्वास्थ्य की चुनौती:
रामपुर जिला जेल में इस समय तापमान काफी कम है और कड़ाके की ठंड में कैदियों के लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बुजुर्ग और स्वास्थ्य कमजोर कैदियों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

कानूनी प्रक्रिया और अधिकार:
जेल में कैदी की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें कानून (Indian Law) के तहत सुनिश्चित की जाती हैं। कैदी कोर्ट में अपील कर अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अनुरोध कर सकता है। यदि कोर्ट अनुमति देता है, तो जेल प्रशासन उसके लिए विशेष इंतजाम करता है।



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