करंडा (Ghazipur) ब्लॉक के अंतर्गत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र सिकंदरपुर में राष्ट्रीय क्वालिटी एसेसमेंट सर्टिफिकेशन के लिए वर्चुअल असेसमेंट की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। यह मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और दस्तावेजी मानकों की जांच के उद्देश्य से आयोजित किया गया, ताकि आम जनता को बेहतर और मानक आधारित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इस वर्चुअल एसेसमेंट का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया। पूरी प्रक्रिया अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह और मंडलीय क्वालिटी कोऑर्डिनेटर डॉक्टर आर पी सोलंकी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर तय मानकों के अनुरूप सेवाओं की गुणवत्ता को परखने के लिए किया गया।
जिला स्तर से मिला पूर्ण सहयोग:
वर्चुअल असेसमेंट की इस प्रक्रिया में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ, डीपीएम अनिल कुमार वर्मा और जिला क्वालिटी सलाहकार अनिल शर्मा ने पूरी प्रक्रिया में समन्वय बनाए रखा। मूल्यांकन के दौरान आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग भी जिला स्तर से उपलब्ध कराया गया, जिससे असेसमेंट बिना किसी व्यवधान के पूरा हो सका।
उपकेंद्र स्तर पर सेवाओं की प्रस्तुति:
आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र सिकंदरपुर की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी चंदा शर्मा और एएनएम रेशमा गुप्ता ने वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने उपकेंद्र पर दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, रिकॉर्ड, रजिस्टर और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रस्तुति की। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, प्राथमिक उपचार और जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित जानकारियां भी साझा की गईं।
ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति:
ब्लॉक स्तर से भी इस वर्चुअल एसेसमेंट में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता निभाई। अधीक्षक डॉ अवधेश कुमार राव, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद यादव, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अभिषेक राय, बीसीपीएम प्रमोद कुमार और ब्लॉक अकाउंट मैनेजर विशाल राय सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने उपस्थिति दर्ज कराते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान किया। सभी अधिकारियों ने उपकेंद्र की कार्यप्रणाली और सेवाओं से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी साझा की।
क्वालिटी सर्टिफिकेशन की दिशा में अहम कदम:
राष्ट्रीय क्वालिटी एसेसमेंट सर्टिफिकेशन के तहत होने वाला यह वर्चुअल मूल्यांकन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मानक आधारित स्वास्थ्य इकाई के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को परखना और उनमें निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर:
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के वर्चुअल एसेसमेंट से न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा होती है, बल्कि कर्मचारियों को भी गुणवत्ता सुधार के लिए प्रेरणा मिलती है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र सिकंदरपुर में हुआ यह मूल्यांकन भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायक साबित होगा।
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