माणिक साहा बोले— मोदी-योगी के नेतृत्व में दिव्य रूप में उभर रही अयोध्या

त्रिपुरा (Tripura) के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा (Manik Saha) मंगलवार को अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला (Shri Ramlala) के दरबार में पूजा-अर्चना कर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के दर्शन किए और देश-प्रदेश में शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी (Hanumangarhi) मंदिर पहुंचकर संकटमोचक बजरंगबली का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत:
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के अयोध्या आगमन पर एयरपोर्ट (Airport) पर उनका भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय प्रशासन और कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया। अयोध्या के धार्मिक माहौल और सौंदर्यीकरण से प्रभावित होकर साहा ने कहा कि यह दृश्य भारत (India) की सांस्कृतिक धरोहर के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

रामलला के दर्शन कर मांगी देश-प्रदेश की समृद्धि की कामना:
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में श्रीरामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि अयोध्या की इस पवित्र भूमि पर आकर उन्हें अपार ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ है। उन्होंने भगवान श्रीराम से देश की एकता, सौहार्द और समृद्धि की कामना की।

हनुमानगढ़ी में की पूजा-अर्चना:
रामलला के दर्शन के बाद माणिक साहा हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने संकटमोचक हनुमानजी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की आध्यात्मिकता और यहाँ की संस्कृति पूरे देश को जोड़ने का कार्य कर रही है।

अयोध्या के बदलते स्वरूप पर बोले माणिक साहा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में अयोध्या का स्वरूप पूरी दुनिया के सामने एक दिव्य और भव्य स्वरूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अयोध्या का विकास और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, वह न केवल भारत की आस्था का केंद्र बन गया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की गरिमा को भी बढ़ा रहा है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना अयोध्या:
माणिक साहा ने कहा कि आज अयोध्या केवल एक धार्मिक नगर नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यहां जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वह देश की आत्मा में बसने वाली संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत उदाहरण है।

देश की एकता और आस्था का केंद्र:
उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या के पुनर्निर्माण और विकास में जो भावनात्मक जुड़ाव दिखाई दे रहा है, वह भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रहा है। यह केवल उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का गौरव है।



#tags: #Ayodhya #ManikSaha #ModiYogi #TripuraCM #RamMandir #Hanumangarhi

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading