अयोध्या (Ayodhya) में दीपोत्सव 2025 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार कार्यक्रम को और भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने सरयू नदी के 56 घाटों पर दीप सजाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस वर्ष 28 लाख दीयों से अयोध्या को रोशन करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में होने वाला यह दीपोत्सव एक नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा।
घाटों पर युद्धस्तर पर जारी तैयारी:
दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए घाटों पर दीयों की खेप पहुंच चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, सभी 56 घाटों पर दीयों को बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। बताया गया कि 18 अक्टूबर तक सभी घाटों पर दीपों की सजावट का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दीपोत्सव के दिन यानी 19 अक्टूबर को हजारों वालंटियर दीयों में तेल डालने, बाती लगाने और उन्हें प्रज्वलित करने का कार्य संभालेंगे।
सख्त व्यवस्था और प्रवेश नियम:
सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए घाटों पर आईकार्ड (I-Card) के बिना किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम में शामिल वालंटियर को पहचान के लिए विशेष टी-शर्ट (T-Shirt) और कैप (Cap) प्रदान की जाएगी। यह कदम भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र उठाया गया है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
योगी सरकार के नेतृत्व में नया इतिहास:
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हर वर्ष अयोध्या का दीपोत्सव भव्यता के नए आयाम छू रहा है। इस बार का आयोजन भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि इसमें न केवल रिकॉर्ड संख्या में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे, बल्कि इससे अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को और सशक्त रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि यह आयोजन न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बने।
वालंटियरों की भूमिका महत्वपूर्ण:
दीपोत्सव के आयोजन में वालंटियरों की भूमिका अत्यंत अहम मानी जा रही है। वे न केवल दीप जलाने का कार्य करेंगे, बल्कि पूरे आयोजन के दौरान स्वच्छता, व्यवस्था और सजावट की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। प्रशासन ने उनके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की है ताकि कार्यक्रम के दिन सभी कार्य सुचारु रूप से संपन्न हों।
अयोध्या के लिए गौरव का क्षण:
दीपोत्सव न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह अयोध्या की पहचान और गौरव का प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। सरयू तट पर दीयों की रोशनी एकता, आस्था और शांति का संदेश देती है। इस वर्ष 28 लाख दीपों की जगमगाहट निश्चित रूप से अयोध्या को अद्भुत दृश्य में बदल देगी।
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