गाजीपुर में शहीद जुनेद आलम को सम्मान, पोते अनस जमाल हुए सम्मानित

गाजीपुर | गाजीपुर के सहजानंद कॉलेज स्थित ऑडिटोरियम रूम में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के आयोजन में शहीदों को सम्मानित करने वाला कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नंदगंज कुर्बान सराय के रहने वाले शहीद जुनेद आलम के पोते, समाजसेवी और भाजपा नेता अनस जमाल को केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे द्वारा साल पहनाकर सम्मानित किया गया।

जुनेद आलम और नंदगंज अगस्त क्रांति

शहीद जुनेद आलम 1942 में नंदगंज अगस्त क्रांति के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले प्रमुख व्यक्तित्व थे। 18 अगस्त 1942 को जुनेद आलम और उनके साथियों ने नंदगंज थाने में आग लगाकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ प्रतिरोध दिखाया और तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता की घोषणा की। इस संघर्ष में जुनेद आलम ने अपने प्राणों की आहुति दी और उनका बलिदान आज भी स्थानीय इतिहास में गौरव का प्रतीक माना जाता है।

अनस जमाल का समाजसेवी योगदान

अनस जमाल गाजीपुर में एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने गरीबों को भोजन और कपड़े वितरित करने, शहर में सुंदरता और सफाई बढ़ाने जैसे कई सामाजिक कार्य किए हैं। उनका यह योगदान उन्हें स्थानीय जनता में लोकप्रिय और सम्मानित बनाता है।

भाजपा में सक्रिय भूमिका

अनस जमाल कई वर्षों से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। पार्टी के हर कार्यक्रम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके नेतृत्व और संगठन कौशल ने कई सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों को सफल बनाने में मदद की है। इस सम्मान समारोह में उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बनाया।

कार्यक्रम का महत्व

इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को याद करना था, बल्कि युवाओं और समाज के अन्य लोगों को उनके साहस और देशभक्ति की कहानी से प्रेरित करना भी था। अनस जमाल को सम्मानित कर जुनेद आलम के साहस और त्याग को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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