अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University–AMU) में संस्थापक सर सैयद अहमद खान (Sir Syed Ahmad Khan) की 208वीं जयंती बड़े ही उत्साह और गरिमापूर्ण ढंग से सर सैयद डे (Sir Syed Day) के रूप में मनाई गई। विश्वविद्यालय परिसर में इस मौके पर जश्न का माहौल देखने को मिला। समारोह में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया और सर सैयद के जीवन एवं विचारों को वर्तमान समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम में दिखा पारंपरिक उत्सव का नज़ारा:
सर सैयद डे के अवसर पर विश्वविद्यालय में पारंपरिक अंदाज में उत्सव मनाया गया। सभी अतिथि बग्घी में सवार होकर गुलिस्तान-ए-सैयद (Gulistan-e-Syed) पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। परिसर में जगह-जगह सजावट की गई थी और छात्र-छात्राओं में इस दिन को लेकर उत्साह देखने को मिला।
गुलिस्तान-ए-सैयद में हुआ मुख्य समारोह:
मुख्य कार्यक्रम गुलिस्तान-ए-सैयद में आयोजित हुआ। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद (Justice Abdul Shahid), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व चेयरमैन डॉ. एस. सोमनाथ (Dr. S. Somanath) और माइली ऐश्वर्या (Miley Aishwarya) ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने सर सैयद अहमद खान के शिक्षा, एकता और प्रगतिशील विचारों पर प्रकाश डाला और कहा कि उन्होंने शिक्षा को समाज में सुधार और राष्ट्रीय एकता का माध्यम बनाया।
सर सैयद के विचारों को बताया प्रासंगिक:
वक्ताओं ने कहा कि सर सैयद अहमद खान का जीवन सामाजिक जागरण और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक था। उन्होंने आधुनिक शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और धार्मिक एकता का संदेश दिया। सर सैयद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस दौर में थे, जब उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसी महान संस्था की नींव रखी थी।
छात्रों में दिखा उत्साह और गर्व:
कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं ने सर सैयद को श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि सर सैयद डे केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि शिक्षा, समानता और मानवता के मूल्यों को याद करने का अवसर है।
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