अलीगढ़ में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University – AMU) में विशेष मार्च निकाला गया। यह जागरूकता मार्च डक पॉइंट से बाब सैयद तक निकला, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और फैकल्टी ऑफ यूनानी मेडिसिन (Faculty of Unani Medicine) के डॉक्टर शामिल हुए। मार्च का उद्देश्य समाज में तेजी से बढ़ रहे स्तन कैंसर के मामलों को लेकर जागरूकता फैलाना और लोगों को समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना था।
जागरूकता के लिए एएमयू (AMU) का कदम:
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ यूनानी मेडिसिन के डिपार्टमेंट ऑफ निस्वा व कबालत (Department of Niswan wa Qabalat) द्वारा आयोजित इस मार्च में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गुलाबी रिबन पहनकर भाग लिया। सभी ने नारे लगाते हुए लोगों को संदेश दिया कि स्तन कैंसर के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
बढ़ते मामलों पर चिंता:
मार्च के दौरान वक्ताओं ने बताया कि देश में स्तन कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। पहले यह बीमारी केवल महिलाओं में अधिक पाई जाती थी, लेकिन अब पुरुषों में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सतर्कता से इस बीमारी से बचाव संभव है।
स्वयं जांच के महत्व पर जोर:
फैकल्टी ऑफ यूनानी मेडिसिन के डॉक्टरों ने बताया कि महिलाएं घर पर खुद भी प्राथमिक जांच कर स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगा सकती हैं। समय रहते इसका निदान होने पर इलाज सफल होता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी ही इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।
संदेश और उद्देश्य:
इस मार्च का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचाना था कि स्तन कैंसर से डरने की नहीं, बल्कि सजग रहने की जरूरत है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) ने इस पहल के जरिए यह दिखाया कि उच्च शिक्षण संस्थान सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।
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