प्रेमी की हत्या कराने वाली महामंडलेश्वर : गाँधी जी के तस्वीर को मारी थी गोली


Alighar: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के एक बाइक शोरूम मालिक अभिषेक गुप्ता की सनसनीखेज गोली मारकर हत्या के मामले ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। इस जघन्य हत्याकांड में नाम आया है एक महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय उर्फ पूजा गुप्ता का। अभिषेक के पिता की शिकायत पर महामंडलेश्वर के पति अशोक पांडेय को भी नामजद किया गया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, हत्याकांड की मुख्य आरोपी महामंडलेश्वर अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। वह निरंजनी अखाड़े से जुड़ी हुई बताई जाती है। इस हत्याकांड के खुलासे के बाद इस महामंडलेश्वर का व्यक्तिगत और राजनीतिक सफर चर्चा का विषय बन गया है।



हत्या की साजिश और शूटर की गिरफ्तारी:


CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में बुधवार को एक शूटर मोहम्मद फजल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में फजल ने खुलासा किया कि अभिषेक की हत्या की सुपारी महामंडलेश्वर और उसके पति अशोक ने दी थी। इस काम के लिए शूटरों को 3 लाख रुपए मिलने थे, जिसमें से 1 लाख रुपए एडवांस के तौर पर दिए गए थे। फजल ने बताया कि गोली उसके साथी आसिफ ने चलाई थी। पुलिस ने हत्या के इस मामले में गोंडा रोड नींवरी निवासी मोहम्मद फजल को 1 अक्टूबर को अरेस्ट किया था। शूटरों ने बताया कि डेढ़ महीने पहले उनकी मुलाकात पूजा शकुन और अशोक पांडेय से हुई थी, जहां दोनों ने अभिषेक की फोटो दिखाकर उसे ‘खत्म’ करने की बात कही थी। इस खुलासे ने महामंडलेश्वर और उसके पति की संलिप्तता को और मजबूत कर दिया है।

पिता के निलंबन पर हंगामा:


पुलिस जांच में सामने आया कि पूजा शकुन पांडेय के पिता प्रोफेसर आरआर आजाद मूल रूप से हाथरस के गांव कचौरा के रहने वाले थे, जहां से अभिषेक का परिवार भी ताल्लुक रखता है। पूजा के पिता सहारनपुर के जेवी जैन कॉलेज में प्रिंसिपल रह चुके हैं और पूजा का बचपन ज्यादातर सहारनपुर में ही बीता। साल 2006 में जब पूजा के पिता पर आरोप लगे और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया, तब पूजा ने कॉलेज में जमकर हंगामा किया था। बताया जाता है कि विरोध में वह दो मंजिला भवन की छत पर चढ़ गई थी और कूदने की धमकी दी थी। पुलिस-प्रशासन के समझाने के बाद ही वह शांत हुई थी।

शिक्षा, राजनीति और लव मैरिज:


पूजा ने ग्रेजुएशन करने के बाद मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से गणित में पीएचडी की। यहीं उनकी मुलाकात मैनपुरी के अशोक पांडेय से हुई, जो उस समय छात्र राजनीति में सक्रिय था। दोनों ने 2008 में घर से भागकर लव मैरिज कर ली और पूजा ने अपना नाम बदलकर पूजा शकुन पांडेय कर लिया। शादी के बाद वे गाजियाबाद आ गए, जहां पूजा एक प्राइवेट कॉलेज में गणित की प्रोफेसर बन गईं।

लव जिहाद के बाद नौकरी छोड़ी और हिंदुत्व का रुख अपनाया:


साल 2012 में पूजा के कॉलेज की एक छात्रा लव जिहाद के मामले में फंस गई। गैर-समुदाय के युवक से अफेयर के बाद धोखा मिलने पर उसने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूजा को इतना प्रभावित किया कि उसने नौकरी छोड़ दी और हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उसने अपने पिता के नाम पर एक NGO बनाया, जिसका नाम ‘एहसास’ (आजाद हिंद सामाजिक कल्याण समिति) रखा और पति अशोक पांडेय को उसका प्रमोटर बनाया। इस घटना के एक साल बाद ही पूजा ने हिंदू महासभा जॉइन कर ली और पति के साथ अलीगढ़ आ गई। यहां गांधीपार्क क्षेत्र के बी. दास कंपाउंड में उन्होंने अपने पिता के नाम पर एक मकान भी बनवाया।

संन्यास और हिंदू अदालत का गठन:


हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़ने के बाद पूजा ने 2017 में संन्यास लेने की घोषणा की। इसके लिए उन्होंने अपने पति अशोक पांडेय से औपचारिक रूप से तलाक लिया और गुजरात के द्वारिकाधीश मंदिर से साध्वी बनने की दीक्षा ली। हालांकि, तलाक के बावजूद दोनों साथ रहते थे। संन्यास के बाद 15 अगस्त, 2018 को पूजा शकुन पांडेय ने शरिया कानून की तर्ज पर ‘सनातन हिंदू न्यायपीठ’ नाम से हिंदू अदालत बनाई और खुद इसकी मुख्य न्यायाधीश बन गईं। उस समय उन्होंने दीवानी से जुड़े कई मामलों की सुनवाई कर फैसले भी दिए थे, जिसे लोगों ने माना भी।

महामंडलेश्वर बनीं और गांधी के पुतले को गोली मारी:


2019 से पूजा ने अपने नाम के आगे महामंडलेश्वर लिखना शुरू किया और डॉ. अन्नपूर्णा भारती बन गईं। इसी साल 2 अक्टूबर, 2019 को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक पुतले पर महात्मा गांधी की फोटो लगाई और एयर गन से पुतले को गोली मारी। फोटो में लगे गुब्बारे फूटने पर खून निकलने जैसा दृश्य सामने आया। घटना के फोटो-वीडियो वायरल होने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें अभिषेक गुप्ता, पूजा और अशोक को जेल जाना पड़ा था। जमानत पर रिहा होने के बाद पूजा डासना पीठ के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद के पास पहुंचीं और उनके संरक्षण में आ गईं। यति नरसिंहानंद ने इस मामले में पूजा की मदद की, जिसके बाद पूजा उन्हें अपना गुरु मानने लगीं और उनके साथ कई धर्म सभाएं कीं।

अभिषेक से मुलाकात, रिश्ता और अनबन:


पूजा की पैतृक जमीन उनके गांव कचौरा में थी, जिसमें उन्हें भी हिस्सा मिला। उन्होंने 2012-13 में इस जमीन पर ‘श्रीराम भवन’ नाम का मकान बनवाया। अभिषेक की मां गांव की होने के नाते इस मकान की देखरेख करती थीं। जब भी पूजा गांव जाती, अभिषेक के परिवार से मिलती थीं। इसी दौरान वह अभिषेक को पढ़ाने के नाम पर अपने साथ अलीगढ़ ले आईं। पढ़ाई के दौरान अभिषेक प्राइवेट जॉब करने लगा और लगभग 9 साल तक अलीगढ़ में पूजा के साथ उनके बी. दास कंपाउंड वाले मकान में रहा। वह पूजा और अशोक के सारे कामकाज देखता था। हालांकि, 6 महीने पहले अभिषेक और पूजा के बीच अनबन हो गई और अभिषेक ने दोनों से दूरी बना ली। इसके बाद अभिषेक ने अपना टीवीएस बाइक का शोरूम खोल लिया था।

अभिषेक के पिता के गंभीर आरोप:


अभिषेक के पिता नीरज गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पहले अभिषेक की शादी करना चाहते थे, मगर पूजा ने ऐसा नहीं होने दिया। इसलिए उन्हें छोटे बेटे की शादी पहले करनी पड़ी। पिता ने आरोप लगाया कि पूजा लगातार अभिषेक पर साथ रहने और शादी करने का दबाव बना रही थी। वह बेटे को अलीगढ़ में ही रखती थी और घर नहीं आने देती थी। जब अभिषेक शादी से मना करता तो वह उसे धमकी देती थी। पिता के अनुसार, उनका बेटा पूजा से परेशान हो गया था, जिसके बाद उसने उसके घर जाना बंद कर दिया और नंबर भी ब्लॉक कर दिया था। उसने यह परेशानी अपनी मां को भी बताई थी।

हत्या की घटना:


26 सितंबर की रात खैरेश्वर मंदिर चौराहे पर अभिषेक गुप्ता (25) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अभिषेक, अपने पिता नीरज और चचेरे भाई जीतू के साथ खैर में अपना टीवीएस बाइक का शोरूम बंद करने के बाद हाथरस जाने के लिए बस में बैठ रहे थे। जैसे ही नीरज और जीतू बस में चढ़ गए और अभिषेक चढ़ ही रहा था, पीछे से आए बदमाशों ने उसे गोली मार दी। इस घटना के बाद पिता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और महामंडलेश्वर के पति अशोक पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय उर्फ पूजा गुप्ता अभी भी फरार है।

अन्य दर्ज मामले:


पूजा और अशोक पर अलीगढ़ के अलग-अलग थानों में पहले से ही 6 मामले दर्ज थे। इनमें ज्यादातर गैर समुदाय पर टिप्पणी और मुस्लिम विरोधी बातें बोलने के मामले में मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस हत्याकांड के बाद उनके आपराधिक इतिहास की फेहरिस्त और लंबी हो गई है।

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