कभी अपराधी रहे ये बुजुर्ग, अब समाज की मिसाल…

अलीगढ़ (Aligarh) में अपराध नियंत्रण और समाज सुधार की दिशा में पुलिस ने एक सराहनीय कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने जिले में 70 वर्ष से अधिक उम्र के 130 हिस्ट्रीशीटरों (History-Sheeters) की हिस्ट्रीशीट बंद करने का आदेश दिया है। इस निर्णय के साथ पुलिस ने इन बुजुर्गों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर प्रदान किया है।

अपराध नियंत्रण और अभिलेख अद्यतन की दिशा में विशेष अभियान:
अलीगढ़ पुलिस (Aligarh Police) द्वारा अपराध नियंत्रण एवं अभिलेख अद्यतन की दिशा में एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थानों में दर्ज उन अपराधियों के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई जो 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं और जिनके खिलाफ कई वर्षों से कोई आपराधिक गतिविधि दर्ज नहीं की गई थी।

गोष्ठी के माध्यम से दी गई नई शुरुआत की प्रेरणा:
इन बुजुर्ग हिस्ट्रीशीटरों के साथ एक विशेष गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने उनसे संवाद किया। इस दौरान उन्हें निगरानी सूची से हटाए जाने की जानकारी दी गई और भविष्य में अपराध से दूर रहकर समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की प्रेरणा दी गई। पुलिस ने उनसे यह भी अपील की कि वे आगे किसी भी आपराधिक गतिविधि से खुद को दूर रखें और यदि किसी क्षेत्र में अपराध की सूचना मिले तो पुलिस की सहायता करें।

हिस्ट्रीशीट बंद होने पर बुजुर्गों के चेहरे पर दिखी खुशी:
हिस्ट्रीशीट (History Sheet) बंद होने की सूचना मिलते ही बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष और खुशी झलकने लगी। वर्षों से मासिक हाजिरी और निगरानी की प्रक्रिया से गुजर रहे इन लोगों को अब राहत मिली है। अलीगढ़ पुलिस के इस कदम से यह संदेश गया है कि सुधार और बदलाव की राह हमेशा खुली रहती है।

एसएसपी नीरज जादौन का बयान:
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police) नीरज जादौन ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों द्वारा विस्तृत जांच के बाद कुल 130 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट नियमानुसार बंद की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पुराने अभिलेखों को अद्यतन करना और वर्तमान में सक्रिय अपराधियों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाना है।

अलीगढ़ पुलिस का मानवीय चेहरा:
यह कदम अलीगढ़ पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस पहल से न केवल पुलिस व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि समाज में भी यह संदेश गया है कि अपराध छोड़ने के बाद भी व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है।



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डिस्क्लेमर:यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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