लखनऊ में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में जाति देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ऐसे सभी मामलों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
एनकाउंटर को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप:
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस कार्रवाई के दौरान जातिगत आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कथित फर्जी एनकाउंटरों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद समाजवादी पार्टी सरकार इन मामलों की जांच कराएगी।
उन्होंने प्रेस वार्ता में कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि एनकाउंटर की कार्रवाई को लेकर निष्पक्षता सुनिश्चित होना जरूरी है और जिन मामलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनकी जांच कराई जानी चाहिए।
पुलिस विभाग में PDA के साथ अन्याय का आरोप:
अखिलेश यादव ने पुलिस विभाग में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस महकमे में PDA वर्ग के कर्मचारी और अधिकारी खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ईमानदार और PDA वर्ग से जुड़े अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जा रही है। उनके मुताबिक विभाग के भीतर इस वर्ग के लोगों के साथ कथित तौर पर अन्याय और उपेक्षा का व्यवहार किया जा रहा है।
छुट्टी को लेकर भी उठाए सवाल:
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने पुलिसकर्मियों को जरूरी अवकाश मिलने में कथित परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी PDA वर्ग के पुलिसकर्मियों को छुट्टी के लिए भटकना पड़ता है।
इस दौरान उन्होंने हाल ही में सामने आए एक महिला सिपाही के दुखद मामले और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का उल्लेख करते हुए पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हालांकि, उन्होंने इस पूरे मामले को विभाग के भीतर कर्मचारियों के साथ व्यवहार से जोड़ते हुए अपनी चिंता व्यक्त की।
बाहुबलियों की सूची को लेकर सरकार पर निशाना:
अखिलेश यादव ने हाईकोर्ट में पेश की गई आपराधिक और बाहुबलियों से संबंधित सूची का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई सभी के खिलाफ समान रूप से नहीं होती। उनका दावा था कि कई मामलों में स्वजातीय लोगों को संरक्षण दिए जाने की स्थिति दिखाई देती है।
उन्होंने इसी आधार पर सरकार की कार्रवाई और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जाति के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
मीडिया में PDA प्रतिनिधित्व पर भी टिप्पणी:
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने मीडिया की भूमिका और उसके शीर्ष प्रबंधन में प्रतिनिधित्व को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि PDA समाज के लोगों के साथ होने वाले कथित उत्पीड़न और उनके मुद्दों को मीडिया में पर्याप्त प्रमुखता नहीं मिल पाती।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि हिंदी समाचार माध्यमों और टीवी चैनलों के शीर्ष प्रबंधन तथा संपादकीय स्तर पर एक खास वर्ग की 97 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उनके अनुसार इसी वजह से वंचित वर्गों की आवाज को अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाता।
सरकार बनने पर जांच कराने का दावा:
अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस वार्ता में दोहराया कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो एनकाउंटर से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग में PDA कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ कथित भेदभाव के आरोपों की ओर भी ध्यान दिलाया।
उनके बयानों में प्रदेश की कानून व्यवस्था, पुलिस विभाग की कार्यशैली, कथित फर्जी एनकाउंटर, अधिकारियों की पोस्टिंग और पुलिसकर्मियों को अवकाश मिलने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। साथ ही उन्होंने मीडिया में PDA समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाए।
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