बलिया में अजय राय का बयान: आरएसएस पर निशाना, नीतीश संग आने के संकेत


उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Ballia) जिले से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। कांग्रेस (Congress) के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) ने एक कार्यक्रम में विवादित बयान देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) का हत्यारा आरएसएस है।” अजय राय के इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वहीं, उन्होंने बिहार (Bihar) की राजनीति पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर बिहार चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए जरूरत पड़ी, तो जनता दल यूनाइटेड (JDU) को साथ लेने पर विचार किया जा सकता है

बलिया के टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम:
अजय राय बलिया के टाउन हॉल (Town Hall) में आयोजित उस कार्यक्रम में पहुंचे थे, जो महात्मा गांधी के बलिया आगमन के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरएसएस देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है और उसकी विचारधारा समाज को बांटने का काम करती है।

आरएसएस पर तीखा हमला:
कार्यक्रम के दौरान अजय राय ने कहा कि “आरएसएस ने महात्मा गांधी की हत्या की थी और यह संगठन हमेशा देश विरोधी कार्यों में लिप्त रहा है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में गृहमंत्री को पत्र लिखा है और मांग की है कि आरएसएस को समाज विरोधी संगठन घोषित किया जाए। उनके इस बयान ने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सियासी बहस को जन्म दे दिया है।

राजनीतिक हलचल तेज:
अजय राय के बयान के बाद भाजपा (BJP) और आरएसएस समर्थक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, कांग्रेस समर्थक इस बयान को गांधीवादी विचारधारा की रक्षा के रूप में देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजय राय का यह बयान कांग्रेस की सक्रिय रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वे भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ मुखर होकर अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाना चाहते हैं।

नीतीश कुमार पर दिया संकेतभरा बयान:
इसी कार्यक्रम में अजय राय ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि बिहार में चुनाव के बाद सरकार बनाने की स्थिति आती है और राजनीतिक समीकरण बनते हैं, तो जदयू (JDU) को साथ लेने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि समय आने पर स्थिति देखी जाएगी। अजय राय ने नीतीश कुमार के साथ आने से इनकार नहीं किया, जिससे सियासी गलियारों में नए समीकरणों की अटकलें शुरू हो गई हैं।

भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर खुला रुख:
अजय राय के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में विपक्षी दलों के साथ तालमेल बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। बिहार में महागठबंधन (Mahagathbandhan) की राजनीति को देखते हुए यह बयान कांग्रेस और जदयू के बीच भविष्य में किसी संभावित सहयोग की ओर इशारा करता है।

निष्कर्ष:
बलिया में अजय राय के बयानों ने एक साथ दो मोर्चों पर सियासी चर्चा छेड़ दी है—एक तरफ आरएसएस को लेकर विवाद और दूसरी तरफ नीतीश कुमार के साथ संभावित गठजोड़। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इन बयानों का असर उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति पर कितना गहराता है।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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