मुख़्तार अंसारी पर पूर्व मंत्री अजय राय का बड़ा खुलासा…

यूँ तो धर्म और राजनीति का अब अटूट सम्बन्ध बन चूका है. हर मुद्दों को धर्म और देवी देवताओं से जोड़ा जा रहा है. हम राजनीति के अजीब दौर में प्रवेश कर चुके हैं। कोई भी नेता कुछ भी आइडिया दे सकता है। चमकदार आइडिया, सुनते ही लाइक करने का मन कर जाए,शेयर करने लग जाए या उसे लेकर कमेंट में लोग भिड़ जाए। कोई सर्वे करने लग जाए। कितने प्रतिशत लोग नोट पर सावरकर की फोटो चाहते हैं और कितने प्रतिशत लोग गणेश लक्ष्मी की। इस तरह के नवीन-नूतन आइडिया हर दिन लांच होते हैं लेकिन आपका जीवन खास नहीं बदला है।

इस देश में बड़ी आबादी के लिए 25000 महीना कमाना मुश्किल है, यह एक निम्न मध्यमवर्गीय देश है, इसकी प्रति व्यक्ति सालाना आय बहुत कम है, ज़ाहिर है लोग आर्थिक तंगी में जीते हैं,लेकिन समाज और राजनीति का फ्राड देखिए कि दोनों एक दूसरे को प्रेरक संदेश ठेल रहे हैं। जिसे सुनते ही लगेगा कि इसी आइडिया की कमी थी।भगवान का नाम ले लिया तो गलत भी नहीं कह सकते, विरोधी धर्म विरोधी भी नहीं कहेंगे।

इसी तरह अरविंद केजरीवाल आइडिया लेकर आए कि नोट पर लक्ष्मी गणेश की तस्वीर हो तो पूरे देश को उनका आशीर्वाद मिलेगा। 26 अक्तूबर को इस पर कितनी बहस हुई, होनी भी चाहिए कि क्या राजनीति अब इस स्तर पर आ गई है लेकिन आपने ध्यान दिया होगा कि इसी दिन सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी CMIE का आंकड़ा आया कि भारत में बेरोज़गारी की दर 7.9 प्रतिशत हो गई है। इसी CMIE का सितंबर का डेटा है कि दिल्ली में बेरोज़गारी की दर 9.6 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से भी ज़्यादा है। इस पर बहस क्यों नहीं होती है, इसलिए नहीं होती है अगर बीजेपी इस पर केजरीवाल से सवाल पूछेगी तो उसे भी कई राज्यों में और देश भर में बेरोज़गारी पर जवाब देना होगा।

वाराणसी के पिंडरा विधानसभा से पांच बार विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके कांग्रेस नेता अजय राय ने मुख्तार अंसारी को सजा दिलवाने के लिए गाजीपुर चित्रगुप्त मंदिर में मथ्था टेक लिया. लेकिन इस दौरान उन्होंने कई बार भगवान् चित्रगुप्त को चन्द्रगुप्त बता दिया. आश्चर्य है कि इस पर कायस्थ समाज को आपत्ति भी नहीं हुई. अगर अजय देवगन ने बोला होता तो जरुर कई आन्दोलन हो चुके होते. खैर भगवान् चित्रगुप्त भगवान् ब्रह्मा के मानसपुत्रों जिन्हें ब्राह्मण कहा गया में सबसे छोटे पुत्र हैं. इनका उत्पत्ति हजारों वर्षों कि तपस्या के बाद हुआ था. इनका विवाह शोभावती और नंदनी नामक ब्राह्मण कन्याओं से हुआ. इनको पाप और पुन्य का लेखा जोखा रखने वाले बुद्धि और शक्ति का देवता कहा गया. चूँकि इनकी उत्पत्ति ब्रह्मा जी के चित यानि दिमाग और काया से हुई थी. इनके वंशज को कायस्थ्य कहा गया. ये चार वर्णों में ब्राह्मण वर्ण से आते हैं.

उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर में स्थित चित्रगुप्त मंदिर में चित्रगुप्त जयंती के दिन कांग्रेस नेता अजय राय पहुँच गयें और पाप पुन्य के देवता चित्रगुप्त से मुख्तार अंसारी को सजा दिलवाने के लिए प्रार्थना भी कर दिया साथ ही ये भी कह दिया की मुख्तार अंसारी के खिलाफ आज तक केवल उन्होंने ने ही गवाही दी है.

हमारे संवादाता हसीन अंसारी ने बताया कि गुरूवार को गाजीपुर शहर में भगवान चित्रगुप्त की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई।भगवान चित्रगुप्त की शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।इस दौरान लोगों ने शहर के आमघाट में स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर में लोगों पूजा की।इस अवसर पर श्री चित्रगुप्त पूजा को लेकर लोगों में आस्था और उत्साह का माहौल नजर आया।

धर्म से चलती राजनीति और राजनीति से बिखरती जातियों ने देवताओं को भी जातिवादी बना दिया. हम किस दौर में जी रहे हैं और ऐसे दौर में क्या ये देश कभी एकता के सन्देश को मजबूत कर पायेगा?

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