लखनऊ में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आगरा की रहने वाली एक युवती न्याय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ती नजर आई। सीएम आवास के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पुलिस ने उसे रोक लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान युवती भावुक हो गई और रोने-चिल्लाने लगी। उसने खुद को पीड़िता बताते हुए न्याय की गुहार लगाई और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए।
युवती ने अपना नाम सरजू यादव बताया और कहा कि आगरा में तैनात दरोगा रोहित सहित चार उपनिरीक्षकों ने उसके साथ मारपीट और बदतमीजी की है। युवती का कहना था कि वह इसी शिकायत को लेकर लखनऊ आई है। मौके पर मौजूद महिला कांस्टेबलों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा बढ़ने पर उसे पुलिस वाहन में बैठाकर गौतमपल्ली थाना ले जाया गया। बाद में आगरा पुलिस को सूचना दी गई और देर रात एक टीम लखनऊ पहुंचकर युवती को आगरा वापस ले गई।
सीएम आवास के पास मचा हंगामा:
घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें युवती रोते हुए पुलिस से कहती दिख रही है कि उसे न्याय चाहिए और उसके साथ जबरदस्ती न की जाए। वीडियो में महिला कांस्टेबल उसे पुलिस वाहन में बैठाती नजर आ रही हैं, जबकि युवती खुद को निर्दोष बताते हुए बार-बार न्याय की बात दोहरा रही है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी।
पहले भी विवादों में रही है युवती:
सरजू यादव वही युवती हैं, जिनका अगस्त 2024 में आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में एक महिला दरोगा के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। उस समय युवती ने पुलिस पर थाने में मारपीट करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने उस मामले में शांति भंग की कार्रवाई करते हुए युवती के खिलाफ कार्रवाई की थी। सरजू यादव आगरा के कालिंदी विहार क्षेत्र की रहने वाली हैं और वहां उनका बुटीक भी है।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप:
युवती का आरोप है कि उसके घर सितंबर 2024 में दिनदहाड़े चोरी हुई थी। उसने इस मामले में ट्रांस यमुना थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई किए बिना ही फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसी को लेकर वह थाने पहुंची थी। वहां थाना प्रभारी रोहित कुमार से जब उसने सवाल किया तो उन्होंने मामले की जानकारी न होने की बात कही। इसके बाद एक निलंबित दरोगा राजकुमार गोस्वामी को बुलाया गया, जिन्होंने युवती के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की।
थाने में हुई कथित मारपीट का दावा:
सरजू यादव का कहना है कि उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो थाने के अंदर रिकॉर्ड कर लिया था। जब पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की। आरोप है कि युवती को कमरे में बंद कर दिया गया, उसके साथ मारपीट हुई और कपड़े तक फाड़ दिए गए। इसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे थाने में बैठाए रखा गया।
तीन वीडियो आए थे सामने:
इस पूरे विवाद से जुड़े तीन वीडियो उस समय सामने आए थे। पहले वीडियो में युवती को महिला पुलिसकर्मी जबरन पकड़कर ले जाती दिख रही थीं। दूसरे वीडियो में, जो पुलिस की ओर से जारी किया गया था, युवती महिला दरोगा से मारपीट करती नजर आई। तीसरे वीडियो में युवती रोते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाती दिखी थी और न्याय न मिलने पर आत्मघाती कदम उठाने की बात कह रही थी।
वायरल वीडियो से फिर उठा सवाल:
लखनऊ में सामने आए ताजा वीडियो के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और पूरे मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि युवती को सुरक्षा कारणों से रोका गया और पूरे मामले की जानकारी संबंधित जनपद पुलिस को दे दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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