लखनऊ (Lucknow) में आठ महीने के भीतर एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। चौक (Chowk) क्षेत्र की पुल वाली गली में एक मादा डॉगी पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने तेजाब डाल दिया। इस अमानवीय कृत्य से वह गंभीर रूप से झुलस गई है। बताया जा रहा है कि डॉगी ने इसी सप्ताह छह पिल्लों को जन्म दिया था। घटना के बाद से उसकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है और नवजात पिल्ले दूध के लिए तड़प रहे हैं। इससे पहले जून-2025 में भी शहर में कुत्तों को जहर देकर मारने की घटना सामने आई थी, जिससे पशु प्रेमियों में आक्रोश है।
चौक क्षेत्र में दर्दनाक घटना:
यह ताजा मामला चौक (Chowk), लखनऊ (Lucknow) की पुल वाली गली का है। जानकारी के अनुसार 13 फरवरी की रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने डॉगी के ऊपर तेजाब डाल दिया। देर रात अचानक उसकी दर्दभरी चीखें सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले तो दृश्य देखकर सन्न रह गए। डॉगी का आधा शरीर बुरी तरह झुलस चुका था। तेजाब के कारण उसकी चमड़ी कई जगहों से गल गई और शरीर के कुछ हिस्सों में हड्डियां तक दिखाई देने लगीं। वह असहनीय पीड़ा में तड़प रही थी।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पशु प्रेमियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर इलाज शुरू कराया। चिकित्सकीय देखभाल के बावजूद उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। तेजाब से हुए गहरे घावों के कारण संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।
नवजात पिल्लों पर संकट:
डॉगी ने कुछ दिन पहले ही छह पिल्लों को जन्म दिया था। मां की इस हालत के बाद नवजात पिल्लों के सामने भी जीवन का संकट खड़ा हो गया है। छोटे-छोटे पिल्ले दूध के लिए बिलख रहे हैं। स्थानीय पशु प्रेमी उनकी देखभाल की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मां की गंभीर स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता को दर्शाती हैं।
पुलिस जांच की मांग:
स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से अज्ञात आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके। पुलिस से क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोषी की पहचान करने की मांग की जा रही है।
जून-2025 की घटना फिर आई याद:
यह पहली बार नहीं है जब लखनऊ (Lucknow) में पशुओं के साथ क्रूरता की घटना सामने आई हो। जून-2025 में राजाजीपुरम (Rajajipuram) टैक्सी स्टैंड के पास 10 कुत्तों को चिकन बिरयानी में जहर मिलाकर खिला दिया गया था। उस घटना में चार कुत्तों की मौत हो गई थी, जबकि छह कुत्तों को गंभीर हालत में उपचार दिया गया। उस समय एक एनजीओ (NGO) के डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर इलाज किया था और तालकटोरा पुलिस ने मृत कुत्तों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था।
वर्तमान घटना ने एक बार फिर पशु सुरक्षा और कानून के प्रभावी पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु प्रेमियों का कहना है कि यदि पहले की घटनाओं में सख्त कार्रवाई होती, तो शायद ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होती।
समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता पर चिंता:
पशु अधिकारों की रक्षा के लिए देश में कानून मौजूद हैं, जिनके तहत जानवरों के साथ क्रूरता दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए।
फिलहाल, डॉगी का इलाज जारी है और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र के लोग और पशु प्रेमी मिलकर पिल्लों की देखभाल में जुटे हैं। सभी की यही उम्मीद है कि आरोपी जल्द पकड़ा जाए और ऐसी घटनाओं पर रोक लगे।
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