LIC के निजीकरण का कई बार हुआ प्रयास, लेकिन सफल नहीं पाई सरकार : संतोष कुमार सिंह

गाजीपुर। आल इंडिया इंश्योरेंस इम्प्लाईज एसोसिएशन का बुधवार को 70वां स्थापना दिवस एलआईसी निगम शाखा कार्यालय मुहम्मदाबाद के प्रांगण में मनाया। समारोह का उदघाटन मंडलीय उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह द्वारा संघ का ध्वज फहराकर किया गया।

समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ की स्थापना 1 जुलाई 1951 को हुई थी। स्थापना काल से ही संघ ने बीमा के राष्ट्रीयकरण के मुद्दे पर संघर्ष शुरू किया। लिहाजा लगभग 250 देशी-विदेशी निजी कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर एक सितंबर 1956 को भारतीय जीवन बीमा निगम का गठन किया गया।

संतोष कुमार सिंह ने कहा कि उस समय की निजी बीमा कंपनियां देश वासियों के पैसे सुरक्षित नहीं रहती थीं। उनकी मेहनत की कमाई को वे हड़प लेते थे। इसलिए संघ ने सरकार पर दबाव बनाया था कि तमाम निजी बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर एक जीवन बीमा कंपनी बनाई जाए। वर्तमान समय में कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण के कारण भारतीय जीवन बीमा निगम पूरे विश्व में बीमाधारकों की संख्या के आधार पर पहले स्थान पर है। एलआईसी इस देश की आर्थिक रीढ़ है। केंद्र की वर्तमान सरकार ने ऐसे उत्कृष्ट वित्तीय संस्था के निजीकरण के लिए कई बार प्रयास किया। लेकिन, बीमा कर्मचारी संघ के संघर्ष के कारण वे सफल नहीं हो पाए। बीमा क्षेत्र में एआईआईईए एक मजबूत संगठन है। कुल कर्मचारियों का 90 फीसद से ज्यादा इसके सदस्य हैं। यह संगठन केवल बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों के हितों की रक्षा ही नहीं करती है, अपितु सरकार की उन सभी नीतियों का विरोध करती है जो जनविरोधी है। एलआईसी के उत्थान में संघ का महत्वपूर्ण स्थान है। एआईआईईए का निर्णय जो भी होता है, वह कर्मचारी एवं राष्ट्र हित में लिया जाता है।

इस मौके पर गोपाल सिंह, गोरखनाथ दूबे, विजय कुमार प्रसाद, सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता धर्मेंद्र कुमार ने किया।

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