
आजमगढ़। सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी आजमगढ़ के जिलामंत्री अपने ही सरकार के मशीनरी की कारस्तानियों को लेकर नगर के मेहता पार्क में 28 दिनों से धरनारत है। विडम्बना है कि समस्या का निदान तो दूर अभी तक कोई भी अधिकारी समस्या को सुनना भी मुनासिब नहीं समझ रहा। गुरूवार को महेन्द्र मौर्य ने सूबे के मुखिया येगी आदित्यनाथ को संबोधित एक शिकायती पत्र डीएम को सौंपकर भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए सातों मांगों को पूर्ण करने की मांग किया है। जब देखना है कि भाजपा के झंडाबरदार की समस्या के प्रति अधिकारी कब अपनी कुंभकरर्णीय निंदा को तोड़ते है।
सीएम को भेजे गये शिकायती पत्र में जिलामंत्री श्री मौर्य ने बताया कि मेरे सात बिन्दुओं में रानी की सराय के पटेल नगर स्थित रामराज मौर्य के नहर का रास्ता बंद कर दिया गया, निजामाबाद तहसील अंवतिकापुरी आंवक के जलाशय व बाहा, मेंहनगर के चकखुटवा में पोखरी कब्जा किया जा रहा है, मेंहनगर के जलाशय लखराव पोखरा, हरिबंध की खुदाई कर मृत लोनी नदी को जिंदा करना, मेंहनगर के दौलतपुर में सुरेन्द्र मौर्य की जमीन पर कब्जा किया जाना, मेंहनगर के रजहा ग्राम सभा में एससी एसटी का दुरूपयोग कर ठाकुर प्रसाद मौर्य का जमीन कब्जा किया जाना, ग्राम सभा करनेहुआ में नकुल मौर्य का रास्ता रोकना शामिल है। श्री मौर्य ने बताया कि उक्त मांगों को पूरा करने के लिए 28 दिनों से धरनारत हैं आज तक कोई उचित कार्यवाही नहीं सकी। अधिकारियों की उदासीनता के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। श्री मौर्य ने आरोप लगाया है कि फरवरी 2018 को तत्कालीन एसडीएम ने लखरांव पोखरा के भीटां पर हुए कब्जे को स्वयं जाकर चिन्हित किया लेकिन लॉकडाउन में ही उस पर मकान बना लिया गया। विडम्बना रही कि उक्त मकान का उद्घाटन पांच दिन पूर्व एसडीएम द्वारा किया गया। योगी आदित्यनाथ को पत्रक भेजकर जिलामंत्री ने सातों मांगों पर उच्चस्तरीय जांच टीम गठित करने की मांग किया है।
