बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भाजपाइयों व कांग्रेसियों ने दलितों को पिछले चुनाव में बहकाने की खूब कोशिश की थी और उनके साथ खूब खिचड़ी खाई और खिलाई लेकिन उन्हें दलितों पर गर्व है क्योंकि दलित उनके बहकावे में नहीं आए।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले चुनाव में ब्राह्मण भाजपा के बहकावे में आ गए लेकिन अब पछता रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को फिर से बसपा के साथ आ जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपाइयों व कांग्रेसियों ने दलितों को पिछले चुनाव में बहकाने की खूब कोशिश की थी और उनके साथ खूब खिचड़ी खाई और खिलाई लेकिन उन्हें दलितों पर गर्व है क्योंकि दलित उनके बहकावे में नहीं आए।
मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की भी भावनाएं समझनी चाहिए। संसद के मानसून सत्र में बसपा के सांसद इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे साथ ही आम मुद्दों को भी उठाया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि भाजपा के खिलाफ पूरे विपक्ष को एकजुट होना चाहिए। मायावती ने खासतौर पर ब्राह्मणों पर फोकस किया।
उन्होंने कहा कि तमाम हथकंडे अपनाकर भाजपा ने पिछले चुनाव में ब्राह्मणों को अपने पक्ष में कर लिया और ब्राह्मण भी उनके बहकावे में आ गए तथा उन्हें एक तरफा वोट किया। सरकार बना दी पर अब ब्राह्मण पछता रहे हैं क्योंकि यह सब जानते हैं कि ब्राह्मणों पर इस सरकार में कितनी ज्यादती हुई है।
अब समय आ गया है कि ब्राह्मण फिर से बसपा के साथ जुड़ जाएं क्योंकि 2007 के चुनाव में ब्राह्मण बसपा के साथ जुड़े थे और प्रदेश में बसपा की सरकार बन गई थी। बसपा ने भी ब्राह्मणों के हितों का पूरा ध्यान रखा था।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए 23 जुलाई से हम अभियान की शुरुआत कर रहे हैं और यह अभियान अयोध्या से सांसद सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में शुरू हो रहा है। इसके लिए ब्राह्मण सम्मेलन शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण आखिर कांग्रेस और भाजपा पर कितना भरोसा करेंगे अब समय आ गया है कि इन दोनों को ही तिलांजलि दे दी जाए।