5 बार के विधायक मुख्तार अंसारी। पुलिसिया रिकॉर्ड में इनके मुकदमों की हॉफ सेंचुरी है। ये माफिया हैं या मसीहा, इस पर जनता तर्क वितर्क करती रहती है। लेकिन हम बात कर रहें हैं कानून की । और कानून के रजिस्टर में इनका नाम IS 191 गैंग के मुखिया के नाम पर दर्ज है।
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एक आम जनमानस IS 191 को समझ नही पा रहें होंगे। लेकिन चर्चा तो सुनी होगी कि IS 191 गैंग पर चला सीएम योगी का बुलडोजर।
IS का मतलब है इंटर स्टेट यानी अंतर्राजीय गैंग और नंबर है 191। तो पुलिसिया रिकॉर्ड में मुख्तार IS 191 गैंग के सरगना हैं। इस गैंग में कई सदस्यों का जिक्र है। वैसे जानकारी के अनुसार मुख्तार का नाम मोहम्दाबाद के हिस्ट्रीशीटर में भी दर्ज है। इनका हिस्ट्रीशीटर नंबर है 16B.
जानकारी के अनुसार मुख्तार अंसारी पर उत्तर प्रदेश सहित गैर राज्यों को मिलाकर करीब 52 मुकदमे दर्ज हैं। जिनमे से अभी 15 का ट्रायल चल रहा हैं और अब एक नया मुकदमा भी दर्ज हुआ है। मुख्तार अंसारी का साल 2017 में राइफ़ल और 1996 में DBBL गन का लाइसेंस ज़िलाधिकारी गाजीपुर के डीएम ने कैंसिल कर दिया ईस मामले में नोटिस सर्वे होने के बावजूद उसने शस्त्रों और लाइसेंस को सरेंडर नहीं किया।मुख़्तार अंसारी के आर्म्स और लायसेंस जमा न करवाने के कारण थाना मुहम्मदाबाद में इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज किया गया है। अभी पिछले दिनों मुख्तार को शस्त्र लाइसेंस मामले में मऊ के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जमानत भी दिया था।
खैर बात करते हैं IS 191 गैंग की। बताया जा रहा कि यूपी में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद स्थितियां तेजी से बदल गईं. योगी सरकार ने मुख्तार, मददगार और गिरोह के मेंबर्स पर सख्त कार्यवाही की. अवैध धंधों से कमाई गई संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जा रहा है. अवैध निर्माणों को जमींदोज किया जा रहा है. मुख्तार, गैंग मेंबर और मददगारों के कब्जे से करीब 192 करोड़ों रुपए की संपत्ति कुर्क की गई है या ध्वस्त की गई है और कहा जा रहा कि इस गैंग की अन्य बेनामी अवैध संपत्तियों की पहचान की जा रही है.
जानकारी तो ये भी आ रही है कि योगी सरकार में मुख्तार गैंग के कुल 98 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. इनमें से 75 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही भी की गई है. गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत इनकी संपत्तियों को भी ज़ब्त करने की कार्यवाही चल रही है. मुख्तार गैंग के 72 असलहा लाइसेंसों को निरस्त किया गया है. मुख्तार गैंग से जुड़े सात ठेकेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है.

