लखनऊ स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के कैंपस में लॉ सेकेंड ईयर के छात्र शिखर को उनके ही क्लासमेट्स ने जमकर पीटा। घटना 26 अगस्त की बताई जा रही है। कैंपस की पार्किंग में गाड़ी में बैठे शिखर को एक लड़की और एक लड़के ने करीब डेढ़ मिनट तक लगातार थप्पड़ मारे। वीडियो में लड़की पहले 5–6 थप्पड़ जड़ती है, फिर उसका साथी गालियां देते हुए पिटाई शुरू करता है। आरोपियों ने छात्र को धमकाते हुए कहा कि “चेहरे से हाथ हटाओ, नहीं तो और मार पड़ेगी।” इस घटना के दौरान कई अन्य स्टूडेंट्स भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया।
छात्र और परिवार सदमे में, डिप्रेशन में जा रहा पीड़ित
वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित शिखर ने बताया कि ऑपरेशन के कारण वह करीब दो महीने कॉलेज नहीं गया था और 8 अगस्त से ही कैंपस आने लगा था। उसी दौरान उसके क्लासमेट्स ने उसे अचानक गाड़ी में बैठाकर हमला कर दिया। शिखर ने कहा कि पिटाई के दौरान उन्हें गंदी गालियां दी गईं और उसका फोन व सिम तक तोड़ दिया गया। घटना के बाद से वह बेहद सहमा हुआ है और कॉलेज जाना छोड़ चुका है। शिखर के पिता मुकेश केसरवानी ने कहा कि बेटे के व्यवहार में बड़ा बदलाव आया है, उसका आत्मविश्वास खत्म होता जा रहा है और पूरा परिवार उसकी मानसिक हालत को लेकर परेशान है।

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग, पुलिस जांच में जुटी
शिखर के पिता का आरोप है कि यह हमला पूरी प्लानिंग के तहत किया गया था। महज 1 मिनट 40 सेकंड में बेटे को करीब 27 थप्पड़ मारे गए, जिससे साफ है कि यह सामान्य झगड़ा नहीं बल्कि टॉर्चर था। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्र किसी क्रिमिनल माइंड से कम नहीं हैं और अगर इन पर सख्त कार्रवाई न हुई तो ये भविष्य में और भी गंभीर अपराध कर सकते हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस दोनों से शिकायत की है।
यूनिवर्सिटी और पुलिस की प्रतिक्रिया
एमिटी यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता चंद्रशेखर वर्मा ने कहा कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है, उसकी सत्यता परखी जाएगी, उसके बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। वहीं, चिनहट थाना प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्हें शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस घटना ने यूनिवर्सिटी कैंपस में सुरक्षा और छात्रों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।