जानिए कौन हैं हिंदुजा ब्रदर्स, कहां से शुरू किया कारोबार और अब कहा हैं?

Special Report || ये कहानी भारत के एक ऐसे सख्सियत की जिसने भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन कर दिया, ये कहानी उस सख्सियत की है जिसके परिवार ने या साबित कर दिया की काबिलियत बेसकिमती होती है, जिसकी कीमत कभी कम नहीं होती. जी हाँ ये कहानी उस सख्सियत की जो मुंबई से निकला और ब्रिटेन का सबसे अमीर आदमी बन गया.

20 अगस्त 2022 की ये तस्वीरें स्टैनमोर लन्दन की हैं, परमार्थ निकेतन की तरफ से गंगा सेवा अवार्ड कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इस कार्यक्रम में जिसे गंगा सेवा अवार्ड दिया जा रहा है उस सख्सियत का नाम है गोपीचंद परमानन्द हिंदुजा. जी हाँ हिंदुजा समूह के सह अध्यक्ष गोपीचंद परमानन्द हिंदुजा. मुंबई से लन्दन तक हिंदुजा भाइयों के संघर्ष के सफ़र की कहानी भी रोचक है. 2019 के मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन की अमीरों की सूची में भारतीय मूल के हिंदुजा ब्रदर्स का दबदबा एक बार फिर से कायम हो गया है। वे 22 अरब पौंड (करीब 2,00,000 करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ ब्रिटेन के सबसे अमीर लोगों की सूची में पहले स्थान पर काबिज हैं। 

‘संडे टाइम्स’ के एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंदुजा समूह की कंपनियों का संचालन करने वाले श्रीचंद और गोपीचंद हिंदुजा की संपत्तियों में साल 2018 के मुकाबले 2019 में 1.35 अरब पौंड का इजाफा हुआ है। इससे पहले वह साल 2014 और 2017 में भी ब्रिटेन के सबसे अमीर लोगों की सूची में शीर्ष पर रह चुके हैं।

हिंदुजा समूह की स्थापना मुंबई में 1914 में हुई थी। अब इस ग्रुप का तेल एवं गैस, बैंकिंग, आईटी व संपत्ति में दुनिया भर में कारोबार है। ब्रिटिश नागरिक श्रीचंद (83) और गोपी (79) लंदन में रहते हैं। साल 1919 में इसका पहला अंतर्राष्ट्रीय परिचालन ईरान में शुरू किया गया था। समूह का मुख्यालय ईरान ले जाया गया, जहां यह 1979 तक रहा, लेकिन बाद में इस्लामी क्रांति की वजह से मुख्यालय को यूरोप ले जाने पर बाध्य होना पड़ा। दोनों भाई निर्यात व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए 1979 में लंदन चले गए थे। वहीं, तीसरे भाई प्रकाश जिनेवा, स्विटजरलैंड में समूह के वित्त का प्रबंधन करते हैं। वहीं, सबसे छोटे अशोक भारत में कंपनी के बिजनेस को देखते हैं। इनके स्वामित्व वाली संपत्तियों में व्हाइटहाल में ओल्ड वार ऑफिस शामिल है.

अशोक लेलैंड, गल्फ ऑयल, हिंदुजा बैंक स्विट्जरलैंड, इंडसइंड बैंक, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस (पूर्व नाम एचटीएमटी ग्लोबल सॉल्यूशंस), हिंदुजा टीएमटी (TMT), हिंदुजा वेंचर्स, इंडसइंड मीडिया एंड कम्युनिकेशंस लिमिटेड, हिंदुजा फाउंडरीज, पी डी हिंदुजा अस्पताल. डिफायन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ये सब हिंदुजा समूह में शामिल हैं.

इन्होने भारत का नाम विश्व में रोशन किया है. हिंदुजा समूह ने 1987 में भारत के दूसरे सबसे बड़े एचसीवी (HCV) निर्माता अशोक लेलैंड को खरीद लिया। भारत में समूह का यह पहला सशक्त प्रयास था। कंपनी का बड़ा निर्यात बाजार है; इसके अलावा श्रीलंका में 65 फीसदी से अधिक का बाजार शेयर भी है (16 टन प्लस श्रेणी में), और साथ ही दुबई के बस अनुभाग में भी इतना ही बाजार शेयर है। 2003-2005 के दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ के तेल और खाद्य कार्यक्रम के तहत कंपनी को ईरान के लिए 3322 ट्रकों के ऑर्डर प्राप्त हुए, जो कि भारतीय वाणिज्यिक वाहन उद्योग में सबसे बड़ा ऑर्डर था।

आईडीएल (IDL) इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ गल्फ ऑयल इंडिया लिमिटेड के विलय हो जाने से हिंदुजा समूह का रासायनिक हब मजबूत हुआ, यह विलय 1 जनवरी 2002 से प्रभावी हुआ। भारतीय रासायनिक क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत करने में हिंदुजा समूह को इस विलय से मदद मिली। विस्फोटकों, डिटोनेटर, विस्फोटक को बांधने वाले धातु के आवरण और सेना के लिए विशेष उपकरण तथा अंतरिक्ष अनुप्रयोगों का प्रबंधन करता है। भारत में आठ संयंत्र हैं, इसका हैदराबाद का संयंत्र विश्व की सबसे बड़ी डेटोनेटर विनिर्माण इकाई है (प्रतिवर्ष 192 मिलियन)। फिलीपींस सहित दक्षिण एशिया के देशों, उत्तरी अफ्रीका, फारस की खाड़ी देशों, मध्य-पूर्व और दक्षिणी यूरोप के 21 देशों का यह सबसे बड़ा विस्फोटक और डेटोनेटर का निर्यातक है।

निजी क्षेत्र के बैंकों में इंडसइंड एक प्रमुख बैंक है। और यह केवल अकेला बैंक है जिसे एनआईआर (अप्रवासी भारतीयों) ने स्थापित किया है। और भारत में यह केवल अकेला व्यावसायिक बैंक है, जिसे नेटवर्क शाखा के लिए प्रमाणीकरण प्राप्त ISO-9001:2000 है। इसने 1 बिलियन रुपए की पूंजी से 1994 में कॉरपोरेट तथा एसएमई को ऋण देने के साथ अपना परिचालन शुरू किया और इसके बाद अशोक लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड (एएलएफएल) के साथ 2004 में विलय इसका हो गया। इसने खुदरा बैंकिंग पर विशेष जोर डाला और फिर यह 10 बिलियन डॉलर की पूंजी वाले बैंक के रूप में विकसित हो गया, और अब इसकी कुल परिसंपत्ति 200 बिलियन रुपए के करीब है। 1.5 मिलियन ग्राहक और 170 शाखाओं तथा दूर-दराज के स्थानों में 99 एटीएमों (31 मार्च 2007 तक) के साथ यह भारत के 141 भौगोलिक स्थानों में फैला हुआ है।

गोपीचंद हिंदुजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी बड़े प्रशंसक हैं.

हिंदुजा बंधु चार भाई हैं। इनमें लंदन निवासी श्रीचंद हिंदुजा और गोपीचंद हिंदुजा दुनियाभर में हिंदुजा ग्रुप के तहत तेल व गैस, बैंकिंग, आईटी व प्रॉपर्टी का कारोबार करते हैं। दोनों भाई निर्यात कारोबार को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1979 में लंदन आए थे। उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के ओल्ड वार ऑफिस का वर्ष 2014 में 35 करोड़ पाउंड (3,150 करोड़ रुपए) में अधिग्रहण कर लिया। इसे वे एक लक्जरी होटल में तब्दील कर रहे हैं, जिसके अगले वर्ष तैयार हो जाने की उम्मीद है। तीसरे भाई प्रकाश हिंदुजा स्विट्जरलैंड के जेनेवा में फाइनेंस का कारोबार संभालते हैं। चौथे भाई अशोक हिंदुजा भारत में ग्रुप के कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

शाही ठाटबाट हिंदुजा परिवार कथित तौर पर मध्य लंदन में 30 करोड़ पाउंड की कीमत वाले भवन में रहता है, जो सेंट जेम्स पार्क के सामने बकिंघम पैलेस के बगल में है.

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading